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ट्रैक के पास पेड़ गिराकर रोकी मोरध्वज एक्सप्रेस

सीतापुर-शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक पर रविवार की रात सीतापुर की तरफ से आ रही मोरध्वज एक्सप्रेस के इंजन को आगे पेड़ गिरने से रोकना पड़ा। ट्रेन एक घंटा 35 मिनट तक खड़ी रही। खास बात है कि यह पेड़ उखड़कर नहीं गिरा था, इसे काटकर डाला गया था। रेलवे ने आशंका जताई है कि ऐसा एक्सप्रेस में लूट के प्रयास में किया गया था। मामले की जांच शाहजहांपुर आरपीएफ ने शुरू कर दी है।

थाना क्षेत्र के खखरा मानव रहित रेलवे क्रासिंग के पास रविवार की रात सवा 11 बजे सीतापुर शाहजहांपुर रेलवे ट्रैक पर साइड में खड़ा यूके लिपटस का पेड़ काटकर डाल दिया गया। इस बीच सीतापुर की तरफ से आ रही 12491 अप मोरध्वज सुपरफास्ट एक्सपे्रस के इंजन पर पेड़ आ गिरा। पेड़ गिरने से इंजन के आगे सुरक्षा के लिए लगा कैटल गार्ड क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन चालक इबने हसन की सूझबूझ के चलते इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोका गया।

अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगने से सो रहे यात्री हड़बड़ाकर जाग गए। ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त होने के बाद चालक ने घटना की सूचना मैगलगंज स्टेशन मास्टर जीषान सिद्दीकी को दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम मुरादाबाद समेत रेलवे उच्च अधिकारियों को घटना के बावत जानकारी देते हुए लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर घटनास्थल पहुंचे। लेकिन किसी तरह से सूचना पाकर मैगलगंज थानाध्यक्ष रामअवतार यादव ट्रेन खडी होने की सूचना पाकर दलबल के साथ घटनास्थल पर पहले ही पहुंच चुके थे।

चालक ने इंजन के अगले हिस्से लगा कैटल गार्ड ठीक किया। यह गार्ड टूटने की वजह से ट्रैक पर रगड रहा था जैसे तैसे सही कर लगभग एक घण्टा पैंतीस मिनट बाद ट्रेन को आगे बढाया कैटल गार्ड टूटने की वजह से एक्सप्रेस को मैगलगंज स्टेशन पर लाकर खड़ी कर दी गई, जहां से दूसरे पावर को जोड़ने के बाद ट्रेन रवाना हो पाई। थानाध्यक्ष रामअवतार यादव ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है यदि कोई तहरीर दी जाएगी तो कार्यवाई की जाएगी।

खौफ में कांपते रहे मुसाफिर
मैगलगंज खीरी हिंसं। रात होने के कारण ट्रेन के अधिकतर मुसाफिर सोने की तैयारी में थे कि अचानक इंजन पर पेड़ गिरने व इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेन रोकने पर यात्री भयभीत हो गए। रात के अंधेरे में सूनसान स्थान पर ट्रेन खडी देख यात्रियों को लगा कि शायद लुटेरों ने किसी तरह ट्रेन रोक ली है और यात्रियों को लूटना चाहते हैं। लूटपाट के भय से टेन के सभी कोचों को यात्रियों ने अन्दर से लाक कर अपने को सुरक्षित किया। रात के अंधेरे में सूनसान स्थान पर लगभग एक घण्टा पैंतीस मिनट सवारियों से खचाखच भरी ट्रेन खडी रही हालांकि घटना के कुछ समय बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई तब जाकर यात्रियों ने अपने आप को सुरक्षित महसूस किया।

आरा, कुल्हाड़ी भी बरामद
सुपर फास्ट एक्सप्रेस पर पेड़ गिरने के बाद जब रेलवे व स्थानीय पुलिस के आलाअधिकारी मौके पर पहुंचे तो घटनास्थल पर पुलिस ने आरा कुल्हाडी व कटा हुआ यूके लिपटस का पेड बरामद हुआ। आरपीएफ अधिकारियों ने आरा व कुल्हाडी को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं ट्रेन पर पेड गिरते ही काटने वाले लोग अन्धेरे में भागने में कामयाब रहे।

रोजा से रवाना की गई रिलीफ ट्रेन
रवाना कर दिया गया, लेकिन एआरटी पहुंचने से पहले ही एक्सप्रेस ट्रेन के चालक ने जैसे तैसे घटनास्थल से ट्रेन को चलाकर मैगलगंज स्टेशन पर पहुंचा दिया था।

ट्रैक के पास जो पेड़ गिरा था, वह जड़ से उखड़ा नहीं था। जाहिर है कि इसे जानबूझकर डाल दिया गया है। आशंका यह भी है कि यह लूट के प्रयास में हुआ है।
जीशान सिद्दीकी, स्टेशन मास्टर मैगलगंज

मैंने भी मौका मुआयना किया था। पेड़ गिरा नहीं, गिराया गया था। मैं तो इसलिए गया था कि कोई असुरक्षा की बात न हो।
राम अवतार यादव, एसओ मैगलगंज

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