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सीपीएमटी का एक और साल्वर कुशीनगर से गिरफ्तार

यूपी सीपीएमटी में पेपर साल्व कराने के मामले में कुशीनगर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को एक साल्वर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया युवक बीएचयू में एमबीबीएम प्रथम वर्ष का छात्र है। पटहेरवा क्षेत्र के रहने वाले आरोपी छात्र ने बताया कि पटना मेडिकल कॉलेज परिसर से 25 लोगों की टीम ने सीपीएमटी का पेपर मोबाइल के जरिए साल्व कराया था।

एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि हरियाणा पुलिस से यह सूचना मिली थी कि एआईपीएमटी और यूपी सीपीएमटी में पेपर साल्व कराने वाले गिरोह के एक सदस्य की लोकेशन कुशीनगर में मिल रही है। इसके बाद क्राइम ब्रांच को लगाया गया। सोमवार को दिन में करीब एक बजे सर्विलांस की मदद से उसे कसया क्षेत्र में गोपालगढ़ के पास फोरलेन पर दबोच लिया गया। उसकी शिनाख्त पटहेरवा थाने के पगरा-पड़री गांव के विजय यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल, तीन सिमकार्ड व दो पन्ने का साल्व पेपर बरामद किया है।

विजय ने पुलिस को बताया कि पिछले वर्ष उसने बिहार के वीरबहादुर नामक व्यक्ति को 15 लाख रुपए देकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए एआईपीएमटी में नकल की थी। परीक्षा केंद्र लखनऊ था। वह ओबीसी में जोनल टॉपर था। इस समय बीएचयू में एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। विजय ने बताया कि पिता पर हुए कर्ज को चुकाने के लिए पैसे की लालच में वह इस वर्ष उसने एआईपीएमटी में राजस्थान और सीपीएमटी में पेपर साल्व कराया था।

एसपी के अनुसार विजय के अलावा इस गिरोह के 30-35 लोग 2 मई को दिल्ली के एक होटल में गए। वहां से उन्हें राजस्थान के रिसॉर्ट में पहुंचाया गया, जहां बैठने की व्यवस्था की गई थी। वहां बॉस नाम के व्यक्ति ने सभी का मोबाइल जमा करा लिया और जिस मोबाइल से पेपर साल्व कराना था, उपलब्ध करा दिया।

वहां इस गिरोह ने राजस्थान की परीक्षा में कुशीनगर के रहने वाले परीक्षार्थी नन्हे और सुजीत ने बताया कि उनका पेपर ठीक नहीं हुआ है। इसके बाद बॉस ने सीपीएमटी में पेपर ठीक कराने की बात कही। इसके बाद विजय राजस्थान से वाराणसी पहुंच गया और अपने सहपाठी कमलेश उर्फ स्वामी से मिला। दोनों 24 मई को मुगलसराय से ट्रेन से सुबह 8 बजे पटना मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां कालेज परिसर स्थित मेस में बैठकर 25 लोगों ने फोन के जरिए सीपीएमटी का पेपर साल्व कराए। नकल जिन्हें कराया गया, उनमें नन्हे और सुजीत भी थे, जिनका परीक्षा केंद्र गोरखपुर में था।

हरियाणा पुलिस की ही सूचना पर नन्हे और सुजीत की 29 मई को जिले से गिरफ्तारी हुई थी। सूत्र बता रहे हैं कि उन्हीं से मिली जानकारी के आधार पर विजय की गिरफ्तारी हुई।

एआईपीएमटी और सीपीएमटी में सेंध लगाने वाला गिरोह एक

पडरौना (कुशीनगर)। निज संवाददाता। कुशीनगर से गिरफ्तार बीएचयू के एमबीबीएस छात्र विजय यादव से मिलीं जानकारियां बता रही हैं कि एआईपीएमटी और यूपी सीपीएमटी में पेपर लीक और हाईटेक नकल कराने वाला गिरोह एक ही है। इतना ही नहीं यह गिरोह लंबे समय से फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह की कड़ियां यूपी, दिल्ली, राजस्थान, बिहार और हरियाणा तक तो जुड़ गई हैं, लेकिन अभी दोनों छोर जुड़ना शेष है। यह तभी संभव है जब ‘बॉस’ की गिरफ्तारी हो।

विजय के खुलासे चौंकाने वाले हैं। उसने खुद पुलिस को बताया कि इस बार एआईपीएमटी में नकल कराने वह और उसके गिरोह के सदस्य राजस्थान भी गए थे। एआईपीएमटी का पेपर ठीक नहीं होने वाले छात्रों को ही सीपीएमटी में गोरखपुर के केंद्र पर नकल कराई गई थी। इतना ही नहीं पिछले साल एआईपीएमटी उसने खुद इसी तरह पास की है। लखनऊ में गिरोह को 15 लाख रुपए देकर उसने नकल की थी। इससे साफ है कि यह गिरोह दोनों मेडिकल परीक्षाओं में लंबे समय से फर्जीवाड़ा करा रहा था।

विजय ने 2012 में बुद्ध इंटर कॉलेज कुशीनगर से इंटर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने के बाद मेडिकल की तैयारी के लिए कानपुर का रुख किया। वहीं कोचिंग मंडी में ही उसका सम्पर्क गिरोह के सदस्यों से हुआ। इस बार एआईपीएमटी का पर्चा लीक होने का मामला भी हरियाणा के रोहतक की एक कोचिंग संस्था से ही जुड़ा है। यह खेल कब से चल रहा था? कोचिंग वालों की भूमिका क्या है? किन-किन परीक्षाओं में गिरोह ने सेंध लगाई है? इन सवालों का जवाब तो बॉस की गिरफ्तारी के बाद ही मिल सकते हैं।

इस टीम ने की गिरफ्तारी
विजय यादव की गिरफ्तारी करने वाली क्राइम ब्रांच स्वाट टीम में एसआई अजय नारायन सिंह, नवीन कुमार, सिपाही अनिल तिवारी, रणजीत यादव, अभिमन्यु सिंह, रामभरोस, संतोष कुमार, संदीप भाष्कर, अमित सिंह, चन्द्रभान वर्मा एवं अतीश कुमार शामिल रहे।

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