DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बलात्कार के बाद बेरहमी से हुआ था नेहा का कत्ल!

दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की छात्रा नेहा शर्मा का बेरहमी से कत्ल करने से पहले उसके साथ बलात्कार हुआ था। सूत्रों की मानें तो स्थानीय पुलिस ने बलात्कार की पुष्टि के लिए जो स्लाइड तैयार की थी, उसी स्लाइड के सैंपल से आरोपी उदय स्वरूप का डीएनए हैदराबाद की फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में जांच में एक पाया गया है। सीबीआई को कई अहम सबूत भी हाथ लगे हैं, जिससे जल्द ही वे चेहरे भी बेपर्दा होंगे, जिन्होंने सबूतों को मिटाने की हर संभव कोशिश की थी।

उल्लेखनीय है कि डीईआई की नैनो बायोटैक्नोलॉजी की छात्रा नेहा शर्मा की 15 मार्च, 2013 को संस्थान की लैब में ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसके हाथ बांधकर शरीर को कई जगह से कटर से काट दिया गया था। मौके से पुलिस को कई ऐसे साक्ष्य मिले थे, जिससे साफ हो रहा था कि नेहा के कत्ल से पहले उससे बलात्कार भी हुआ, मगर स्थानीय पुलिस ने सिर्फ हत्या का मामला ही दर्ज किया था। इसमें संस्थान में ही बीए आनर्स तृतीय वर्ष के छात्र और संस्थान से जुड़े बड़े अधिकारी के रिश्तेदार उदय स्वरूप को गिरफ्तार किया था, जो बाद में जमानत पर रिहा हो गया था।
जांच में नकार दी थी बलात्कार की बात

पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने नेहा के साथ बलात्कार न होने की रिपोर्ट दी थी। मगर तफ्तीश में लगातार दबाव बना, जिस पर पुलिस ने बाद में सिर्फ बलात्कार का प्रयास होने की धारा चार्जशीट में बढ़ा दी थी। इस पर पुलिस ने मौके से बिखरे पड़े खून के नमूने और बलात्कार की जांच के लिए अलग से स्लाइड तैयार की थी, जिसे जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। सबूत खत्म करने का खेल यहां भी चला। स्थानीय टैक्नीशियन ने बलात्कार की जांच को आई स्लाइड की रिपोर्ट दे दी कि स्लाइड खराब है, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं की जा सकती। बाद में इस स्लाइड को आगरा की ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला में सुरक्षित रखवा दिया था। हालांकि यहां पुन: जांच नहीं की गई थी।

फोरेंसिक जांच से उठ गया पर्दा
उधर, सीबीआई में मामला जाने के बाद सीबीआई ने उसी स्लाइड को डीएनए टेस्ट के लिए लिया था। हैदराबाद की फोरेंसिक साइंस लैब में उसी स्लाइड से सैंपल लेकर आरोपी उदय का डीएनए सैंपल को परखा गया, जो जांच में एक पाया गया। सूत्रों की मानें तो इस जांच से स्पष्ट हो गया है कि नेहा के कत्ल से पहले बलात्कार किया गया था। उसे पहले क्लोरोफॉम सुंघाया गया था। वह आरोपी को पहचान गई थी, इसी कारण उसकी हत्या की गई। हालांकि इसकी पुख्ता जानकारी के लिए अभी स्लाइड का अन्य बिंदुओं पर परीक्षण जारी है।

सीबीआई ने कइयों के खिलाफ जुटाए सबूत
वहीं स्थानीय स्तर पर जांच करने वाली पुलिस, पोस्टमार्टम में शामिल डॉक्टर और स्लाइड परीक्षण से जुड़े लोगों ने इसे नकार दिया था। स्पष्ट है कि आरोपी के पक्ष में सबूतों से छेड़छाड़ करने या खत्म करन की कोशिश की गई थी। चर्चा है कि सीबीआई ने डीएनए रिपोर्ट के बाद ऐसे कई लोगों के खिलाफ सबूत जुटा लिए हैं। सीबीआई ऐसे सभी लोगों को वॉच कर रही है, जो हत्याकांड के बाद डैमेज कंट्रोल करने में भी जुटे रहे थे। ऐसे में साफ है कि जिस दिन सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी तो कई चेहरे बेपर्दा हो जाएंगे, जो अब तक इस कांड में सबूतों को छिपाते रहे हैं।

सरकारी नुमाइंदे भी आएंगे घेरे में
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने रिपोर्ट में कैसे तथ्यों को छिपा दिया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर स्लाइड का परीक्षण सही तरह क्यों नहीं किया गया। इस पर सरकारी नुमाइंदे भी कठघरे में आ सकते हैं।

हिन्दुस्तान ने पहले ही किया था खुलासा
‘हिन्दुस्तान’ ने वारदात में पहले दिन ही खुलासा कर दिया था कि नेहा की हत्या बलात्कार के बाद की गई है। इसी को लेकर पुलिस पर दबाव बना था, पुलिस ने हालांकि बलात्कार की बात नहीं स्वीकारी थी, मगर बलात्कार का प्रयास करने की बात को जरूर माना, जिसे बाद में चार्टशीट में अंकित किया गया।

सीबीआई की चार्जशीट में खुलेंगे इन सवालों के जवाब
सवाल नंबर-1 लैब में हत्या के समय आरोपी उदय स्वरूप के साथ और कौन-कौन था?
सवाल नंबर-2 वारदात के बाद सबूतों को नष्ट करने में कौन-कौन शामिल रहा?
सवाल नंबर-3 नेहा का लैपटाप, उसका मोबाइल और इस्तेमाल की गई गााड़ी को ठिकाने लगाने में किस-किसने सहयोग किया?
सवाल नंबर-4 आरोपी उदयस्वरूप आखिर तक यह कहता रहा कि उसका घटना से लेना-देना नहीं है। ऐसे में उसके इन झूठ पर पर्दा डलवाने में कौन-कौन शमिल रहा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बलात्कार के बाद बेरहमी से हुआ था नेहा का कत्ल!