DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संस्‍कृत शिक्षा बोर्ड आधुनिक विषयों को पढ़ाएगा

संस्कृत शिक्षा बोर्ड में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी अब आधुनिक विषयों को पढ़ने की मौका मिलेगा। आईसीएसई की तर्ज कर यहां संस्कृत की पढ़ाई को अनिवार्य बनाकर छात्र-छात्राओं को अन्य आधुनिक विषयों का भी ज्ञान दिया जाएगा। इसको लेकर बोर्ड की एक अहम बैठक 30 जून को प्रस्तावित है। बोर्ड के स्तर पर किए जाने रहे इन प्रयासों को संस्कृत शिक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के अधीन प्रदेश में करीब 1200 संस्कृत स्कूलों का संचालन हो रहा है। सत्र 2000-01 के आसपास ये परिषद अपने अस्तित्व में आया लेकिन इतना समय गुजर जाने के बाद भी इनके पास अपना कोई सिलेबस नहीं है। वाराणसी के सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय से उधार में लिया गया सिलेबस पढ़ाया जा रहा है।

परिषद के सचिव दीप चंद ने बताया कि बदलाव की दिशा में पहला काम सिलेबस के स्तर पर किया जा रहा है। संस्कृत को आसान बनाया जाएगा। ताकि, बच्चों का इनकी ओर रुझान बढ़े। जैसे आईसीएसई में अंग्रेजी पर जोर रहता है। ठीक उसी तरह, संस्कृत बोर्ड में संस्कृत भाषा पर जोर दिया जाएगा लेकिन साथ में, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान के साथ कम्प्यूटर शिक्षा को भी अनिवार्य किया जाएगा।

दसवीं के बाद होगा वर्गों का विभाजन
संस्कृत शिक्षा परिषद में दूसरा बड़ा बदलाव वर्गों के स्तर पर हो रहा है। यूपी बोर्ड की तर्ज पर दसवीं के बाद यहां भी बच्चों को विज्ञान, वाणिज्य और कला वर्ग में बांटने की तैयारी की जा रही है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:sanskrit education board study modern subject