DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   मेरठ विकास प्राधिकरण में भूखंडों की नीलामी में मानक हुए तार-तार

उत्तर प्रदेशमेरठ विकास प्राधिकरण में भूखंडों की नीलामी में मानक हुए तार-तार

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Mon, 07 Mar 2016 07:14 PM
मेरठ विकास प्राधिकरण में भूखंडों की नीलामी में मानक हुए तार-तार

विकास प्राधिकरणों का भगवान ही मालिक है। अपनो को फायदा पहुंचाने के लिए मानक मायने नहीं रखता। मेरठ विकास प्राधिकरण ने तीन व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी में मानक को ताक पर रख कर बेच दिए, जिससे 1.10 करोड़ रुपए का चूना लगा है।

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने फरवरी 1996 में व्यावसायिक भूखंडों की बिक्री नीलामी के आधार पर करने संबंधी शासनादेश जारी कर रखा है। इसके आधार पर आवासीय दर से व्यावसायिक जमीन की दोगुना कीमत रखी जाएगी और पूर्ण विकसित योजना में डीएम सर्किल रेट के आधार पर कीमत तय होगी। मेरठ विकास प्राधिकरण ने अगस्त से दिसंबर 2014 के बीच स्पोर्ट्स गुड्स कांप्लेक्स रक्षापुरम और श्रद्धापुरी योजना में तीन व्यावसायिक भूखंडों को नीलामी से बेचा।

विकास प्राधिकरण अधिकारियों ने तीनों जमीनों की नीलामी के समय डीएम सर्किल रेट के अनुसार जमीनों की कीमत तय नहीं की गई। इससे प्राधिकरण को 1.10 करोड़ का नुकसान हुआ। कैग की आपत्ति पर विकास प्राधिकरण ने तर्क दिया कि श्रद्धापुरी योजना पूर्ण रूप से विकसित नहीं है इसलिए जमीन की कीमत डीएम सर्किल रेट के आधार पर तय नहीं की गई। कैग ने आपित्त लगाते हुए कहा है कि यह दोनों योजनाएं फरवरी 2013 में नगर निगम को हस्तांतरित हो चुकी हैं। इसलिए इसे अर्द्धविकसित ठहराना गलत है।

सीएजी रिपोर्ट सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्राधिकरण को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई कौन करेगा? सवाल यह भी उठ रहे हैं कि प्राधिकरण के जिन अधिकारियों ने खरीदरों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?

संबंधित खबरें