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सिपाहियों ने की दारोगा की पिटाई, मामला दर्ज

सिपाहियों ने की दारोगा की पिटाई, मामला दर्ज

हजरतगंज कोतवाली में रिश्वत के बंटवारे और गुटबाजी के विवाद में रविवार रात को दो सिपाहियों ने एक सब इंस्पेक्टर पर हमला बोल दिया। सिपाही ने पहले उसे थप्पड़ मारा, फिर उसका गला दबाने का प्रयास किया। सब इंस्पेक्टर जूझा तो दूसरा सिपाही भी उग्र तेवर में आ गया। इस पर सब इंस्पेक्टर ने एसपी पूर्वी के कार्यालय में घुसकर खुद को बचाया। डीआईजी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सोमवार रात को दोनों सिपाहियों को निलम्बित कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच एएसपी पूर्वी को सौंप दी।

हजरतगंज कोतवाली के दरोगा एनुद्दीन का आरोप है कि वह रविवार रात साढ़े नौ बजे कोतवाली में थे। इसी समय सिपाही राकेश सिंह व जितेन्द्र सिंह ने उन पर कुछ गलत आरोप लगाए। विरोध करने पर राकेश व जितेन्द्र उनसे उलझ गए। विवाद बढ़ने पर दोनों सिपाहियों ने उनकी पिटाई कर दी। वह किसी तरह वहां से भाग कर बचे।

दरोगा एनुद्दीन सोमवार सुबह कोतवाली पहुंचे और सिपाहियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने की तहरीर दी। इस पर कोतवाली में हड़कम्प मच गया। इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया लेकिन दरोगा एनुद्दीन रिपोर्ट लिखाने की जिद पर अड़े रहे। उन्होंने एसपी पूर्वी से इस प्रकरण में शिकायत की थी। वहीं पीड़ित सिपाहियों का आरोप है कि एनुद्दीन ने उन्हें अपशब्द कहे और फिर मारने की धमकी दी थी। इस पर ही विवाद बढ़ा था। वहीं कोतवाली के कई पुलिसकर्मी इस विवाद के पीछे कई तरह की चर्चाएं कर रहे थे।

रिश्वत का बंटवारा बना विवाद की वजह

कोतवाली में कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि कुछ दिन पहले नरही में रहने वाले छात्र उवैश के अपहरण की रिपोर्ट लिखाई गई थी। पड़ताल में सामने आया था कि उवैश ने अपहरण का नाटक किया था। उवैश जब बरामद हो गया तो इस मामले में हिरासत में लिए गए लड़कों को छोड़ने के लिए एक लाख रुपए रिश्वत ली गई थी। इस रिश्वत के बंटवारे को लेकर ही दरोगा और सिपाहियों में मारपीट हुई। पुलिस सूत्र कहते हैं कि उवैश को बिना एफआईआर दर्ज किए ही कोतवाली से जाने दिया गया था। इस पर डीआईजी ने सख्त रुख दिखाया था। तब उवैश को फिर कोतवाली लाया गया और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे निजी मुचलके पर छोड़ा गया था।

गुडवर्क से चिढ़ गए थे कुछ सिपाही

एक गुट ने यह भी कहा कि दरोगा एनुद्दीन ने पिछले कुछ समय में कई गुडवर्क किए थे। उवैश को बरामद करने में भी एनुद्दीन की मुख्य भूमिका रही थी। इसको लेकर कई पुलिसकर्मी उनसे चिढ़ गए थे। उन पर आरोप लगाया जा रहा था कि वह किसी दूसरे को श्रेय नहीं दे रहे थे। डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने बताया कि एसपी पूर्वी की रिपोर्ट पर उन्होंने यह कार्रवाई की है। रिश्वत व अन्य प्रकरण के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इसके लिए एसपी पूर्वी रोहित मिश्र को जांच दी गई है। एसपी पूर्वी ने बताया कि विवाद की वजहों की पड़ताल की जा रही  है।

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  • Web Title:lucknow police