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पेश नहीं होऊंगा, चाहे जेल भेज दें

कलकत्ता उच्च न्यायालय के जस्टिस सीएस कर्णन सबको आश्चर्य में डालते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सात जजों की पीठ के समक्ष पेश हुए। पीठ ने उन्हें अवमानना के नोटिस पर जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय देकर फिर पेश होने का आदेश दिया। लेकिन कर्णन ने कहा कि अगली बार कोर्ट में पेश नहीं हो पाऊंगा, चाहे तो अभी से जेल भेज दो। 

हल्के सलेटी रंग के सूट और लाल टाई पहने पेश हुए जस्टिस कर्णन के इतना कहते ही सीजेआई जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली सात जजों की पीठ उठ गई। इससे पहले सुनवाई के दौरान जस्टिस कर्णन ने कहा, ‘मैं कोई आतंकी या अपराधी नहीं हूं। मेरे घर पर पुलिस ही पुलिस तैनात है। आप मेरी शक्तियां बिना मुझे नोटिस दिए वापस नहीं ले सकते।’

इस पर कोर्ट ने कहा कि आप आतंकवादी नहीं हैं लेकिन आपने कोर्ट के समन का पालन नहीं किया, इसलिए आपके खिलाफ वारंट जारी करना पड़ा। 
बता दें कि  शीर्ष अदालत ने 10 मार्च को न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे ताकि वह अवमानना के मामले में न्यायालय के समक्ष पेश हों।

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  • Web Title: will not be offered even if sent to jail