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फैसला: ऑल इंडिया मेडिकल परीक्षा रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ऑल इंडिया प्री-मेडिकल परीक्षा रद्द कर दी। उत्तर पुस्तिका लीक होने के साथ ही परीक्षा केंद्रों पर नकल के चलते कोर्ट में एक याचिका दायर कर दोबारा से परीक्षा करवाने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीएसई को निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह में दोबारा इस परीक्षा का आयोजन करे।

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित:जस्टिस आरके अग्रवाल और अमिताव राय की अवकाश पीठ ने फैसले में कहा,‘यदि एक भी छात्र को अवैध तरीके से फायदा होता है तो इससे परीक्षा की पवित्रता प्रभावित होती है। इस परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के हाथों में कल देश का स्वास्थ्य आने वाला है। ऐसे में जरूरी है कि वे हर परीक्षा बिना किसी शंका के पास करें।

नया शैक्षणिक सत्र लेट होगा: पीठ ने दोबारा से परीक्षा के आयोजन में शामिल संस्थाओं को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समयावधि तक परीक्षा संपन्न करवाने में सीबीएसई की मदद करें। पीठ ने कहा, दोबारा परीक्षा से शैक्षणिक सत्र पिछड़ेगा। कोर्ट द्वारा तय प्रवेश की अंतिम तिथि 30 सितंबर से आगे चली जाएगी। परीक्षा फिर से कराने पर मेडिकल और डेंटल के सत्र पिछड़ने की संभावना है क्योंकि परीक्षा के बाद प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में तीन माह का समय लग सकता है।

कीमत तो चुकानी ही पड़ेगी: पीठ ने कहा, ‘शीर्ष कोर्ट ने 2005 में मेडिकल में दाखिले के लिए समयसीमा बनाई थी। ऐसा प्रवेश प्रक्रिया सुचारू तथा एकसमान करने के मकसद से किया था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम परीक्षा में हुई धांधली के बाद भी इस समयसीमा पर अड़े रहें। सत्र में होने वाली देरी एक छोटी सी कीमत है जो परीक्षा की विश्वसनीयता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए उसके हिस्सेदारों को चुकानी पड़ेगी।

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