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पड़ोसी पास नहीं साथ हों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपनी बांग्लादेश यात्रा के दूसरे और अंतिम दिन कहा, ‘पड़ोसियों को पास नहीं साथ-साथ होना चाहिए। अब दुनिया इसे समझेगी। आज हम साथ चलने की बात कर रहे हैं तो आगे साथ-साथ दौड़ भी लगाएंगे।’

यात्रा का अंत नहीं शुरुआत है : ढाका स्थित बंगबंधु कन्वेंशन सेंटर से भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,‘दोनों देशों के बीच हुआ भूमि सीमा समझौता बर्लिन की दीवार गिरने जैसा है। अगर ऐसा कहीं और होता तो दुनिया में सुर्खियां बनती। आज यह मेरी यात्रा का अंत नहीं है ,यह यात्रा की शुरुआत है।

जहां बुद्ध वहां युद्ध नहीं: उन्होंने कहा, अगर कोई सोचता है कि जमीन इधर या उधर गई तो उन्हें समझना चाहिए कि ये दिल को जोड़ने वाला समझौता है। दुनिया भले ही जमीन के लिए मरती हो, लड़ती हो पर भारत-बांग्लादेश ऐसे देश हैं जहां बुद्ध हैं और युद्ध नहीं हो सकता। इस दौरान उन्होंने विकास के एजेंडे पर कहा,हम बांग्लादेश के विकास में उनके साथ चलने को प्रतिबद्ध हैं। हमें विस्तारवाद की नहीं विकास की जरूरत है।

दोनों देशों में जवान सपने हैं : बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा,‘लगातार 6% की दर से विकास करना बड़ी बात है। भारत और बांग्लादेश दोनों के पास 65% जनता 35 साल से कम की है। दोनों देश युवा हैं और यहां के सपने भी जवान हैं।’ मोदी ने कहा, अगर हम अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करते रहे तो दुनिया कहेगी ये वही लोग हैं जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करते हैं।

आतंकवाद की कोई सीमा नहीं : विश्व में बढ़ती आतंकी वारदातों पर उन्होंने कहा, आतंकवाद की कोई सीमा नहीं है। इससे जुड़े लोगों ने क्या पाया है।  आतंकवाद मानवता के खिलाफ है इसे हराने के लिए मानवतावादी देशों का एक होना अनिवार्य है।

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