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पर्यावरण की पटरी पर दौड़ेगी बचत की रेल

रेल विभाग पर्यावरण संरक्षण के सहारे हर साल दस करोड़ रुपये से अधिक की बचत करेगा। दिल्ली मंडल ने इसके लिए खाका तैयार कर लिया है। इसमें पानी, ऊर्जा से लेकर कचरे तक के प्रबंधन की योजना है।

8 करोड़ रुपये का पानी बचेगा: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों और पटरियों को धोने में रोज लगभग चार लाख लीटर पानी खर्च होता है। इसे बचाने के लिए वाटर रीसाइकलिंग प्लांट लगाया जाएगा। यह तीन लाख लीटर पानी को फिर से उपयोग के लायक बना देगा। दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक अरुण अरोड़ा के अनुसार, यदि इतना पानी जल बोर्ड से लें तो हर वर्ष करीब आठ करोड़ रुपये लगेंगे।

कचरे से जलेंगे बल्ब: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रोज करीब 12 टन कचरा एकत्र होता है। इससे बिजली बनाने के लिए प्लांट लगाया जाएगा। इससे हर साल करीब 80 लाख रुपये की बचत होगी। ‘रेलवे सेंटर फॉर साइंस एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च’ संस्थान की मदद से इस प्लांट को लगाया जाएगा।

वहीं लगभग पौने दो करोड़ रुपये की बचत सौर ऊर्जा और एलईडी बल्बों से होगी। कई स्टेशनों और एक गाड़ी की जरूरतों को सौर ऊर्जा से ही पूरा करने की भी तैयारी है। वहीं, जियोथर्मल तकनीक से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एसी की जरूरत को खत्म किया जाएगा।

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