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किसी समुदाय पर हिंसा बर्दाश्त नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भाजपा के कुछ नेताओं के सांप्रदायिक बयानों को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा, 'किसी भी समुदाय के खिलाफ हिंसा या भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।' मोदी ने अच्छे दिनों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने वालों से कहा, बुरा वक्त बीत गया है। अच्छे दिन आ चुके हैं और 5-7 वर्ष में देश की तस्वीर बदल जाएगी।

सबका साथ, सबका विकास: मोदी ने समाचार एजेंसी यूनीवार्ता से साक्षात्कार में कहा, 'मेरा रुख साफ है-सबका साथ, सबका विकास। मैं और मेरी सरकार इसी मंत्र पर चल रहे हैं।' सरकार के एक साल के काम पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा, 'अपने वादों पर हम खरे उतरे हैं। हमने स्वच्छ, पारदर्शी और दक्ष सरकार दी है। सर्वेक्षणों से भी पता चलता है कि लोगों ने हमारे काम को सराहा है।'

विरोधियों की नींद उड़ी: मोदी ने स्पष्ट कहा कि अच्छे दिन आ चुके हैं, पर कुछ लोग हमारे कामों को धूमिल करने में लगे हैं। हम जिन संकल्पों को लेकर चल रहे हैं, उससे जल्दी देश की तस्वीर बदल जाएगी और यही बात उन्हें सोने नहीं दे रही है। इसीलिए हमारे कामों में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं।

बुरे दौर से उबरा देश : मोदी ने कहा कि हमारी सरकार आने से पहले देश बुरे दौर से गुजर रहा था। पूरे विश्व में भी भारत के प्रति निराशा का माहौल बन गया था। सरकार सुन्न, देश हताश और निराश हो गया था। उन बुरे दिनों, बुरे कर्मों और बुरे कारनामों को याद करें तो आपको लगेगा कि देश ने बुरे दिनों से मुक्ति पाई है।

महंगाई कम हुई: पीएम ने कहा कि मौसम अनुकूल नहीं रहने के बावजूद महंगाई कम हुई है। यह सरकार न आती तो महंगाई-भ्रष्टाचार किस सीमा तक जाते, इसका अनुमान भी कठिन है। सिर्फ एक आंकड़ा महंगाई कम होने के बारे में बताने के लिए पर्याप्त है कि मई 2014 में मुद्रास्फीति 8.2 फीसदी थी, जबकि अप्रैल 2015 में यह 4.9 फीसदी रहगई।

कांग्रेस से सात सवाल

1. आज भी करोड़ों लोग बेघर क्यों हैं?
2. किसानों की उत्पादकता कम क्यों?
3. देश में इतनी बेरोजगारी क्यों है?
4. युवाशक्ति अब तक दिशाहीन क्यों?
5. छोटे देश आगे क्यों निकल गए?
6. 14 करोड़ लोगों के खाते क्यों न थे?
7. छह से सात करोड़ छोटे व्यापारी बैंकिंग सुविधा क्यों नहीं पा रहे थे?

पीएम इन पर भी बोले

भूमि अधिग्रहण बिल
सरकार सभी दलों से इस पर चर्चा और उनके सुझावों पर विचार करने को तैयार है। कांग्रेस ने चुनावी फायदे के लिए लोकसभा चुनाव से पहले ऐसा कानून बनाया था जो न किसानों के हित में था और न ही देश के।

कालेधन पर कानून
हमारी सरकार ने कालेधन पर संसद में कठोर कानून बनाया है। 60 साल के इतिहास में पिछला साल अनूठा था कि संसद में कालेधन पर लंबी चर्चा हुई और सबने अपना पक्ष रखा।

मिशन मेक इन इंडिया

मेक इन इंडिया 80 करोड़ नौजवानों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। इससे एक साल में 39% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ा है। देश के बाहर इसका व्यापक प्रभाव दिखाई दे रहा है।

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