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तकनीकें जो दिखाएंगी कमाल

तकनीक मौजूदा दौर में ही इतने कमाल दिखा रही है कि यह सोचना ही एकबारगी चौंका देता है कि इसका भावी स्वरूप क्या होगा! इसके नित नए स्वरूप भविष्य की झलक दिखा रहे हैं और इसके प्रमाण हमारे बीच मौजूद हैं। आज पढ़िए कुछ भावी तकनीकों और उपकरणों के बारे में जिनके निर्माण और परीक्षणों की सफल शुरुआत हो चुकी है

रोबो कारें : भविष्य की सवारी
टार्टन रेसिंग द्वारा डिजाइन किए गए ‘बॉस’ को 2007 में डार्पा अर्बन चैलेंज पुरस्कार से सम्मानित किया गया था जो स्वायत्त निर्मित वाहनों के क्षेत्र में दिया जाने वाला पुरस्कार है। 30 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चल कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने वाले ‘बॉस’ में पांच लाख लाइनों वाले कोड को पढ़ने वाला कंप्यूटर लगा है, जिसके मार्फत दजर्न भर लेजर कैमरों और रेडार के जरिए वह सूचना ग्रहण करता है। इसकी सफलता से यह बात पक्की हो चली है कि रोबो-चालित कारें निकट भविष्य में सच साबित होंगी।

ब्लूटुथ 3 और 4 : सुविधा संचार
अगले वर्ष तक ब्लूटुथ के दो नए मॉडल आपके सामने होंगे। ब्लूटुथ 3 और ब्लूटुथ 4। ब्लूटुथ 3 में तेज डाटा आदान-प्रदान के लिए 802.11 होगा और ब्लूटुथ 4 में नया लो-एनर्जी मोड। दोनों में बेहतर बैटरी लाइफ और सुरक्षा पर जोर दिया गया है। ब्लूटुथ 3 में हैंडसेट पर वीडियो फिल्में और इमेज डाउनलोडिंग सुविधा की नित बढ़ती मांग की भी पूर्ति होगी। लो-एनर्जी मोड से स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण नियंत्रण और फिटनेस जैसे क्षेत्रों के लिए नए सेंसर आधारित बिजनेस मॉडलों की भी शुरुआत होगी।

एयर स्कूटर : अंतरिक्ष यात्राओं का भविष्य
भविष्य की अंतरिक्ष यात्राएं आसान होने को हैं। व्हाइटनाइटटू सबसे बड़ा कार्बन-फाइबर एयरक्राफ्ट होगा। 48000 फीट की ऊंचाई पर स्पेसशिपटू उप-कक्षा स्पेस में उतरेगा, जिसमें सवार होंगे किराया देकर घूमने वाले यात्री। वजिर्न गैलेक्टिक के सीईओ रिचर्ड ब्रैनसन की मानें तो यह भविष्य में सेटेलाइट्स को कक्षा में स्थित करने का बेहद कम कीमत वाला उपाय भी साबित होगा।

डिजिटल बैंड्स : मनपसंद सूचना का लेन-देन
सोचिए कि यदि आपकी निजी सूचना जैसे आपकी दफ्तरी पोजिशन या पसंद-नापसंद किसी राह चलते को पता चल जाए। डिजिटल बैज तकनीक निकट भविष्य में यही करने जा रही है। डिजिटल बबल या बैज पहनकर आप अपनी ‘वेब उपस्थिति’ आसपास के लोगों को दर्ज करा सकेंगे और जिन लोगों के संबंध में आपको सूचना चाहिए, उनकी सूचना प्राप्त भी कर सकेंगे। यानी यह सोशल नेटवर्किग का अगला कदम है। लेकिन इस पर कुछ रोकथाम भी जरूरी होगी। अन्य स्तर पर व्यावसायिक संस्थान इस तकनीक के जरिए ‘डय़ूल आर्किटेक्चर’ का निर्माण कर के अपनी मनपसंद की सूचना ही प्रेषित करेंगे।

यूएसबी  3.0 : डाटा दौड़ में अव्वल
यूनिवर्सल सीरियल बस 3.0 पोर्ट आपके मौजूदा यूएसबी पोर्ट से कुछ एडवांस सुविधाएं आपको प्रस्तुत करता है। पांच नई वायरों की उपस्थित इस यूएसबी पोर्ट से डाटा स्थानांतरण की प्रक्रिया को पहले की तुलना में पांच गुणा अधिक तेज और प्रभावी बना देती है। इसी कारण इसे सुपर स्पीड यूएसबी भी कहा गया है। इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। वायर की अतिरिक्त उपस्थिति इसकी गति को बढ़ा देती है। यूएसबी 3 में दोतरफा डाटा इंटरफेस है, यानी एक समय में दो दिशाओं में डाटा स्थानांतरित किया जा सकता है। वर्ष 2011 में 14 करोड़ मिलियन इकाई बाजार में उतारे जाने की उम्मीद है। यदि सब कुछ सही रहा तो वर्ष 2012 तक यह संख्या 34 करोड़ होगी।

लिक्विड बैटरी : जो चलती जाए
उद्यम जगत में अपनी पहचान बनाने के लिए आप उच्चशिक्षा संस्थानों का रुख करते हैं और आविष्कर्ता बनने के लिए भी कई विशिष्ट संस्थान हैं। अपने काम आने वाली भावी तकनीक को आप कुछ इस तरह इस्तेमाल में ला सकते हैं। डॉनल्ड सैडोवे एक मैटीरियल्स कैमिस्ट्री के वैज्ञानिक हैं। बैटरी निर्माण में एक्सपर्ट के तौर पर उन्होंने बैटरी की क्षमता बढ़ाने में कई शोध किए हैं। उनके कार्य पर्यावरण हित में भी है। उन्होंने एक लिक्विड बैटरी निर्मित की है जो इतनी ऊर्जा अपने अंदर समाहित कर लेती है जिससे शहरों की रात की बिजली आपूर्ति पूरी हो सकती है।

3डी जीपीएस : नई राहें दिखाएगा
दफ्तर के लिए निकले हैं और आपके फोन के जीपीएस पर आने वाली टू-डायमेंशनल इमेज की क्वालिटी से परेशान हैं तो शीघ्र ही 3डी जीपीएस आपकी सेवा को आ रहा है। नोकिया मैप्स 3.0 इस तकनीक का जायजा ले रहा है। इस तकनीक में रीयल टाइम वीडियो होगी जैसी ब्लॉपक्ट ट्रैवल पायलट 500 ‘सेफड्राइव’ नेविगेशन में होती है। इसके लिए www.nokia.com/betalabs पर देखें कि आपका फोन इस नई तकनीक से मेल खाता है या नहीं।

कैमरा ट्राउजर्स : कैमरे की पैनी नजर
नॉन-डिजिटल कैमरों के जमाने अब जा चुके हैं। आज के कैमरे सिर्फ कैमरे ही नहीं, वो आपके फोन या कंप्यूटर भी हो सकते हैं। और निकट भविष्य में अगर आपकी पेंट में भी कैमरा लगे हों तो हैरान मत हों ! मैसाचुसेट्स इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने फोटोसेंसिटिव फाइबर से निर्मित केबल्स का निर्माण किया है, जिन्हें यदि दो परतों में रखा जाए तो वह एक रंगीन फोटो निर्माण में रंग और रोशनी की प्लेसमेंट की गणना कर सकेगा। एलसीडी फैब्रिक युक्त यह तकनीक एक अदृश्य सूट बनाएगी। हालांकि शोधकर्ताओं ने इसकी समूची कार्यविधि के बारे में नहीं बताया है, लेकिन अंदाजा है कि इसका इस्तेमाल युद्ध क्षेत्र की यूनिफॉर्म आदि में भी होगा। इसके अलावा, निगले जा सकने के आकार वाले कैमरा शरीर के अंदर आई खराबियों का भी कहीं गहराई से पता लगा सकेंगे। तो है न कमाल!

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