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3डी टीवी का आया जमाना

ब्लॉक बस्टर फिल्में जेम्स कैमरून की अवतार, आइस एज और डन ऑफ दि डायनासोर जिन्होंने मनोरंजन की पूरी दुनिया में तहलका मचाया है। अब टेलीविजन पर 3डी तकनीक के जरिए उसका रोमांच सातवें आसमान पर पहुंचा देगी। थ्री डी इंडस्ट्री की घोषणा पर गौर करें तो फीफा कप फुटबाल के कुछ मैचों का प्रसारण 3डी में हो ही चुका है।

मूवी और टेलीविजन के लिए थ्रीडी टेक्नोलॉजी उपलब्ध हो सके इसके लिए कुछ सवालों का जवाब मिलना अभी शेष है। उदाहरण के लिए रिकार्डिंग प्रोसेस और पोस्ट रिकार्डिग प्रोसेस को कैसे अपडेट किया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया पर आने वाली असाधारण लागत को कैसे मैनेज किया जाएगा। 

मूवीज के पोस्ट-प्रोडक्शन टूल को किस तरह से बेहतर बनाया जाए। और सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसके लिए थ्रीडी ग्लासेज की व्यवस्था रहेगी या कुछ और तकनीक अपनाई जा सकेगी। टीवी के प्रसारण की तकनीक में इसके लिए क्या व्यवस्था रहेगी?

इन मुद्दों को सुलझाने के लिए फिल्म इंडस्ट्री और अनुसंधान से जुड़े लोगों को अहम फैसले लेने हैं। जानकारों के मुताबिक जर्मनी का आर्थिक और तकनीकी मामलों का संघीय मंत्रलय ऐसी परियोजना के लिए फंडिंग कर रहा है। 3डी फिल्म अपने टू डाइमेंशनल काउंटर पार्ट्स के मुकाबले अधिक चुनौतियां पेश करती है। 

इसके लिए फिल्म रिकार्ड करने के लिए कम से कम दो कैमरों का इस्तेमाल करना चाहिए और दोनों इमेज के डिस्प्ले के लिए 3डी स्क्रीन की भी जरूरत होती है। एक इमेज दाहिनी आंख के लिए और एक इमेज बायीं आंख के लिए। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए कैमरा क्रू और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए बेहद सावधानी की जरूरत है क्योंकि प्रत्येक आंख के लिए अलग-अलग फिल्म को साथ-साथ फिल्मांकित किया जाना होता है।

दोनों स्ट्रीम को साथ-साथ प्रोसेस्ड किया जाना चाहिए। तकनीकी परेशानियों पर विजय पाने के बाद ईएसपीएन ने इस आशय की घोषणा भी की थी कि इस प्रसारण से लाभान्वित होने के लिए विशेष प्रकार के टेलीविजन सेट की जरूरत होगी। इसी के बाद से इन टीवी को पेश करने के लिए सभी कंपनियां जुटी हुई थीं। टेलीविजन निर्माण कार्य में जुटीं तीन बड़ी कंपनियों-सोनी, एलजी और सैमसंग ने थ्री-डी सुविधा से लैस टेलीविजन सेटों को पेश किया है।

घर में टेलीविजन देखने के अनुभव को ज्यादा जीवंत बनाते हुए सैमसंग ने दुनिया का पहला 3-डी टीवी सेट बाजार में उतारा है। इसी महीने सैमसंग के 3-डी एलईडी टीवी सेट के 46 इंच तथा 55 इंच के सी 7000 मॉडल भी बाजार में पेश किए जा रहे हैं। कंपनी सूत्रों के मुताबिक उपभोक्ता को इस टीवी सेट को देखने के लिए खास इलेक्ट्रनिक चश्मे भी पहनने होंगे।

सैमसंग की मानें तो 3डी के वीडियो उत्पादों के बाजार के विकास की गति अभी काफी धीमी है, क्योंकि इसमें दर्शकों को विशेष चश्मा पहनना पड़ता है। साथ ही 3-डी सेटों का दाम भी काफी ज्यादा हैं। लेकिन हाल में ब्लॉकबस्टर साबित हुई अवतार जैसी फिल्मों की वजह से इसके प्रति अब लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। 
सबसे पहले ऐसे टीवी सेट अमेरिका और ब्रिटेन में बेचे गए हैं, जिनका परिणाम उत्साहवर्धक रहा है। थ्री-डी सुविधा से लैस मैच देखने के लिए दर्शकों ने न सिर्फ महंगे टीवी सेट खरीदे बल्कि इसके लिए काले रंग के विशेष और महंगे चश्मे खरीदे।

सोनी ने इधर देश में नई एलईडी तकनीकी वाला 3डी टीवी लांच किया है। टैक्नोलॉजी, पिक्चर क्वालिटी और डिजाइन के आधार पर यह मल्टीमीडिया एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में यह नए ट्रेंड स्थापित करेगा। इस नई रेंज में इंटरनेट टीवी के साथ घंटों तक मनोरंजन की दुनिया में रमने की पेशकश की गई है।

नई एलईडी टैक्नोलॉजी आधारित रेंज में विजुअल का बेजोड़ अनुभव दिया जा रहा है और शार्प इमेज से शानदार वीडियो क्वालिटी मिलती है। बेहद मोहक अपील के साथ ब्राविया सीरीज की नई रेंज में नए और स्टाइलिश मोनोलिथिक डिजाइन पेश किए गए हैं जिनसे उपभोक्ताओं को घर में टेलीविजन देखने का बेमिसाल आनंद हासिल होगा।

थ्रीडी सिनेमा और थ्रीडी टीवी की की चर्चा तो काफी दिनों से लोग सुन रहे हैं। लेकिन अब आप मैदान में हो रहे फुटबाल के मैच के दृश्य की कल्पना करिए। स्ट्राइकर और डिफेडर्स गेंद अपने कब्जे में लेने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं। अचानक एक फारवर्ड पेनाल्टी एरिया में आता है और अंपयार पेनाल्टी शॉट का फैसला सुनाता है।

पेनाल्टी शॉट लेने के लिए तैयार खिलाड़ी बाल को सही लगह पर सेट करता है। ऐसे में कैमरा की नजर फिसलती और फुटबाल दर्शक के सिर के ऊपर से जाती दिखाई पड़ती है। और दर्शक टेलीविजन की थर्ड डाइमेंशन तकनीक की वजह से इसका व्यापक लुत्फ उठा सकेंगे।

थ्रीडी टीवी के लॉन्च की घोषणा से सोनी एवी के चाहने वालों को आविष्कारी टैक्नोलॉजी देने जा रही है। इसके साथ सोनी के एलईडी बैकलाइट टीवी बढ़िया कंट्रास्ट, गहरे ब्लैक और क्रिस्पी कलर हैं जो शार्प वीडियो क्वालिटी के साथ बेमिसाल इमेज देते हैं।

होम एंटरटेनमेंट को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए सोनी ने अब इंटरनेट कंटेंट को आपके टीवी पर उतारने की तैयारी कर ली है और ब्राविया इंटरनेट वीडियो की बदौलत आप यू ट्यूब, फेसबुक, याहू डॉट कॉम तथा अन्य कई बेहद लोकप्रिय वेबसाइटों को अपने टीवी सैटों पर देख सकते हैं। फिलहाल इस फीचर की बदौलत आप अधिकतम 30 वेबसाइटों को एक्सेस कर सकते हैं।

मोशनफ्लो 200 हर्ट्ज और इमेज ब्लर रिडक्शन जैसी नई तकनीक से स्पोर्ट्स और एक्शन सीन बहुत स्पष्टता से देख सकते हैं। लाइव कलर की खूबी से स्क्रीन पर रंगों की खूबसूरत छटा मिलती है। इतना ही नहीं, टीवी की नई रेंज में एमपीईजी नॉयज रिडक्शन एवं इंटेलीजेंट पिक्चर प्लस टैक्नोलॉजी भी है और इससे सामान्यत: अनेक दृश्यों में होने वाला शोर कम होकर अधिक स्पष्ट और शार्प होता है।

सोनी इंडिया ने अगले एक वर्ष के दौरान देश में अपने उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए 1800 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई है। इस नए लॉन्च में ‘मोनोलिथिक डिजाइन’ की अवधारणा निहित है। मोनोलिथिक डिजाइन फ्रेमलैस सीमाओं का अहसास कराता है। इस डिजाइन से टीवी देखने का पूरा वातावरण बदलने का मकसद है।

क्या है थ्रीडी
थ्रीडी तकनीक का नाम तो सबने सुना है, लेकिन यह है क्या और कैसे काम करती है। इसे एक उदाहरण के तौर पर समझा जा सकता है। तो अपने कंप्यूटर माउस की ओर देखें। मूलत: आपकी बाईं और दाईं आंख के दो अलग-अलग लैंस होते हैं जो माउस के भिन्न कोणों की पहचान करते हैं।

दोनों लैंस यही संदेश अपने अपने तरीके से दिमाग तक पहुंचाते हैं। दिमाग उस इमेज के ‘इमेज प्रोसेसर’ के तौर पर काम करता है, यानी दोनों लैंसों से पहुंचने वाली अलग अलग छवियों को मिलाकर एक कर के थ्री डायमेंशनल छवि का निर्माण करता है। यह मूलत: वही तरीका है जिसके आधार पर फ्यूजीफिल्म फाइनपिक्स थ्रीडी कैमरा काम करता है।

तकनीकी पक्ष
थ्रीडी टीवी के ग्लासेस (चश्मे) काफी नाजुक और महंगे होते हैं। साथ ही यह आमतौर पर चलने वाले टीवी सेटों से कहीं अलग और अनोखा है जिनको आप रिमोट से शुरू कर लेते हैं। बिना ग्लासेस के थ्रीडी कंटेंट को देखना बेकार होगा। स्क्रीन को थ्रीडी तकनीक के साथ जोड़ा गया है और बिना ग्लासेस के पिक्चर साफ नजर नहीं आएगी।

नई पहल
थ्रीडी तकनीक की इन सीमाओं को देखते हुए एलजी और पैनासॉनिक ऑटोस्टीरियोस्कोपिक थ्रीडी टीवी पर काम कर रहे हैं जिसे देखने के लिए विशेष एक्सेसरीज की जरूरत नहीं रहेगी। ऑटोस्टीरियोस्कोपिक थ्रीडी टीवी सेट भी उपरोक्त वर्णित थ्रीडी तकनीक के आधार पर काम करती है जो लेंटिक्युलर लैंसों और पैरालेक्स बैरियर आधारित होती है।

योजना
एनएक्स, ईएक्स और बीएक्स सीरीज में 22 से लेकर 60 इंच की स्क्रीनों में 24 नए मॉडलों के लॉन्च से सोनी देष के लिविंग रूम्स में अपनी धाक जमाए रखना चाहती है और उपभोक्ताओं को फंक्शन और डिजाइन से प्रभावित करने को उत्सुक है।                        

 

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