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आपके दरवाजे पर इंटरनेट टीवी

किसी खबर को ज्यादा विस्तार से जानने के लिए अब इंटरनेट का इस्तेमाल भी बढ़ता जा रहा है। देखने में आ रहा है कि मीडिया के ही कई महारथी, अखबार और समाचार चैनल भी अपनी साइट या पोर्टल बनाकर बड़े सलीकेदार अंदाज में समाचारों और विचारों को परोस रहे हैं।

ठीक उसी तरह से अब कुछ निजी अपेक्षाओं के साथ शुरू किए गए पोर्टल या साइट पर पर भी टीवी और अखबारों की तर्ज पर खबरें पेश की जाने लगी हैं। इस इंटरनेट मीडिया को हम इंटरनेट टीवी का नाम भी दे सकते हैं क्योंकि इसमें खबरों की प्रस्तुति के तमाम विकल्प मौजूद हैं। यदि आपके पास तेज गति वाला ब्राडबैंड कनेक्शन है तो आप इंटरनेट पर मौजूद टीवी चैनलों की स्ट्रीमिंग करके लाइव खबरें तक देख सकते हैं। 

इंटरनेट भी है खबरवाला
करीब 15 साल इंडियन एक्सप्रेस जैसे संस्थान के प्रिंट से टीवी होते हुए आजकल वेब पर भी मौजूद मीडिया विशेषज्ञ निरंजन परिहार के शब्दों में ‘ये जो इंटरनेट पर टीवी है न, यह भी टीवी ही है। वे टेलीविजन सेट पर चैनलों के जरिए खबरें दिखाते हैं। और यहां कंप्यूटर पर इंटरनेट के जरिए खबरें मिलती हैं। सो, इंटरनेट पर टीवी कोई ठगी का तरीका नहीं है।

यह भी खबरें देने का ही धंधा है। ठीक वैसा ही, जैसा आप और हम सब किसी एक टीवी सेट में देखते हैं। खबरें पहुचाने का यह बिल्कुल वैसा ही तरीका है, जैसा आप और हम सब, पहले सीधे सेटेलाइट, फिर केबल और उसके बाद डीटीएच यानी डायरेक्ट टू होम डिश के जरिए टीवी देखते रहे हैं। इंटरनेट अब नया जरिया है, जिस पर टीवी देखा जा सकता है। यह आम आदमी तक देश और दुनिया की खबरें पहुंचाने का नया तरीका है। वैसा ही, जैसे बाकी माध्यम है।’

आईपीटीवी और वर्ल्ड न्यूज नाउ
अपने देश में आप इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत को इंटरनेट प्रोटोकाल टेलीविजन (आईपीटीवी) के रूप में समझ सकते हैं। इसमें इंटरनेट, ब्राडबैंड की सहायता से टेलीविजन कार्यक्रम घरों तक पहुंचाता है। इस नेट नियोजित प्रणाली में टेलीविजन के कार्यक्रम डीटीएच या केबल नेटवर्क के बजाय, कंप्यूटर नेटवर्क में प्रयोग होने वाली तकनीकी मदद से देखे जाते हैं।

संभवत: दुनिया में एबीसी का ‘वर्ल्ड न्यूज नाउ’ पहला टीवी कार्यक्रम रहा है, जिसे इंटरनेट पर प्रसारित किया गया था। इंटरनेट के लिए एक वीडियो उत्पाद तैयार किया गया, जिसका नाम आईपीटीवी रखा गया था। लेकिन सबसे जो टेलीविजन के कार्यक्रम इंटरनेट ब्राडबैंड की सहायता से प्रसारित किए गए तो उस फार्मेट को भी आईपीटीवी का ही नाम दिया गया। भारत सरकार ने भी इसे मंजूरी दे दी और भारत के कई शहरों में यह सेवा चालू हो चुकी है।

सुरक्षित नेटवर्किग
इंटरनेट प्रोटोकाल टीवी का अर्थ यह कतई नहीं है कि किसी भी वेबसाइट पर वेबपेज क्लिक करते ही टेलीविजन के कार्यक्रम आपके सामने हों। दरअसल यह एक बेहद सुरक्षित नेटवर्किग जरिया है, जिसमें इंटरनेट ब्राडबैंड की सहायता से टेलीविजन प्रोग्राम किसी टीवी या कंप्यूटर तक पहुंचता है। यह टेलीकॉम प्रदाता कंपनियों (जैसे एमटीएनएल, भारती एयरटेल आदि) द्वारा प्रदान की जा रही सेवा द्वारा संभव हो पाता है, जिसे डिजिटल केबल या सेटेलाइट सर्विसेज के स्थान पर प्रयोग किया जा सकता है।

इसमें तयशुदा आईपी के प्रयोग के लिए एक सेट टॉप बॉक्स की मदद लेनी होती है। दूसरी तरफ जो इंटरनेट टीवी के विकल्प (आईटीवी) फिलवक्त मौजूद हैं उनमें किसी भी साइट पर बहुधा रिकॉर्डेड प्रोग्राम देखे जाते हैं। अब जो थ्रीजी मोबाइल सेवा का विकल्प आ रहा है उसके जरिए भी इंटरनेट के माध्यम से टीवी सेवा का विस्तार होगा।

नित नए खुलते विकल्प
इससे आगे की चीजें भी जल्दी ही विस्तार लेगी तो और भी विकल्प खुलते जाएंगे। इसमें यहां तक व्यवस्था रहती है कि जब टीवी को आईपीटीवी ब्राडबैंड कनेक्शन से जोड़ते हैं, तो वीडियो ऑन डिमांड (वीओडी) और इंटरनेट सर्विस (वेब एक्सेस, वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल-वीओआईपी, इंटरनेट टीवी) की सुविधा तक भी हासिल की सकती है। पारंपरिक सेवाओं की बजाय इसमें डिजिटल वीडियो और बेहद अच्छी ऑडियो की क्वालिटी मिलती है।

इसकी सबसे बड़ी विशेषता है, इसका इंटरैक्टिव होना। यदि कोई क्रिकेट मैच देखना हो, और मैच के बीच ही अपने मनपसंद खिलाड़ी का इतिहास जानना चाहते हैं, तो इसमें यह विकल्प भी उपलब्ध रहता है, जिसकी सहायता से संबंधित खिलाड़ी का पिछला रिकार्ड पलक झपकते ही आपके सामने आ सकता है। साथ ही यदि अपने पसंदीदा किसी कार्यक्रम के प्रसारण के समय व्यस्त हों, तो बाद में अपनी सुविधानुसार टीवी पर उसकी आरक्षित कराई गई रिकार्डिग भी देख पाएंगे।

इसके अलावा, वीओडी की सहायता से ऑनलाइन फिल्म अनुक्रमणिका से चुन कर देख सकते हैं। यह अन्य नेटवर्किग सर्विस की अपेक्षा सस्ता भी है। इसके अलावा वीडियो ऑन डिमांड, इंट्रेक्टिव गेम्स, टाइम शिफ्टिड टीवी, आई कंट्रोल और यूट्यूब के वीडियो भी इसमें उपलब्ध हो सकते हैं।

ऑनलाइन टीवी की भी तैयारी
साथ-साथ टीवी और इंटरनेट के इन विकल्पों को देखते हुए ही कई टीवी कंपनियां इंटरनेट संपर्को को साधने में समर्थ टीवी निर्माण कर रही हैं। इनमें सोनी, सैमसंग और एलजी शामिल हैं। एलजी का कहना है कि नया टीवी ऑनलाइन प्रदर्शन को आसान और बेहतर बनाएगा। एलजी ने ऑनलाइन टीवी विकल्पों को प्रदर्शित करने के लिए जिस टीवी सेट का निर्माण किया है।

एलजी नेटफ्लिक्स के सहयोग से जल्द ही ऐसे टीवी सेट का उत्पादन करने जा रही है, जो सीधे इंटरनेट से जुड़े रह सकेंगे और इंटरनेट उपभोक्ता बिना किसी दूसरे उपकरण के इंटरनेट के माध्यम से टीवी और वीडियो का लुत्फ भी उठा सकेंगे। गौरतलब है कि नेटफ्लिक्स नाममात्र के मासिक किराये पर आपको असीमित फिल्मों और ऑनलाइन टीवी शो को देखने का अवसर देती है। इस कंपनी की लाइब्रेरी में इस समय 100,000 से भी ज्यादा फिल्में मौजूद हैं।

फिर यह क्या कम बड़ी उपलब्धि है कि बतौर दर्शक आप क्रिकेट, खबरों, मनपसंद टीवी सीरियलों या अन्य कार्यक्रमों की रोजमर्रा की खुराक टीवी से कुछ आगे बढ़कर अपने पीसी या लैपटॉप के मार्फत,  कहीं भी, कभी भी देख सकते हैं। और इसके लिए आपको कोई अलग से साफ्टवेयर की भी जरूरत न रहे।

हालांकि इस मामले में कंप्यूटर तकनीक के आकाओं ने टेलीविज़न का विकल्प कंप्यूटर को पहले से ही बना रखा है। एक कोम्बो टीवी बॉक्स और उसके साथ सैट टॉप बॉक्स को जोड़ कर अपने कंप्यूटर को आप जब चाहें टीवी के रूप में ढाल सकते हैं।

यह एक्सटर्नल होने कारण इसका कोई दुष्प्रभाव भी कंप्यूटर पर नहीं पड़ता, जबकि इंटरनल टीवी ट्यूनर की वजह से कई बार कंप्यूटर में अंदरूनी खराबी की शिकायतें आ जाती हैं। फिर यह भी है कि जब एक ही स्क्रीन पर टीवी और इंटरनेट के दोनों विकल्प खुले हों तो अलग-अलग कंप्यूटर और टीवी ही क्यों रखे जाएं। अलबत्ता जहां देखने वाले और उनकी जरूरतें अलग-अलग हैं वहां की बात अलग है।

वेब टीवी
ऐसी बहुत सारी इंटरनेट साइट हैं जहां पर जाकर आप थर्ड पार्टी की वीडियो स्ट्रीमिंग करके ऑडियो वीडियो कंटेंट अपने कंप्यूटर पर देख सकते हैं। इसी क्रम में आइडब्लूआई जैसे विकल्प भी इंटरनेट पर हैं जहां से आप दुनिया में हजारों टीवी चैनलों में से फ्री टू एयर चैनलों का सीधा प्रसारण अपने कंप्यूटर पर देख सकते हैं। लोग इसके जरिए भी मनपसंद कार्यक्रम और खबरें चुन-चुन कर देख पा रहे हैं।  

भविष्य की उम्मीदें
आने वाले समय में टीवी भी इंटरनेट की मदद से इतना इंट्रेक्टिव हो जाएगा कि आप ऑनलाइन खरीदारी जैसे वर्तमान विकल्पों के साथ-साथ अपनी उत्सुकता के संदेश भेज कर उनके जवाब भी अपनी टीवी स्क्रीन पर पा सकेंगे। फिल्म और वीडियो ऑन डिमांड को इसी बड़ी उपलब्धि की शुरुआत मान सकते हैं।

एक ही बहुउद्देशीय तार के जरिए जहां टेलीफोन, इंटरनेट, केबल टीवी के विकल्प को व्यवहार में लाने की कवायद हुई है वहीं इनके तार परस्पर भी इस तरह जुड़ सकेंगे कि एक ही उपकरण सभी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा। बस, थोड़ा और इंतजार करें साइबर संसार और टीवी चैनलों की दुनिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग तक सब के लिए आपका इंटरनेट टीवी ही सारी सहूलियतों को आपके घर में आपके लिए संजोने लगेगा।

गूगल लाने वाला है गूगल टीवी
अब जल्द ही गूगल आपके लिविंग रूम में पहुंचने जा रहा है। गूगल ने बाजार में गूगल टीवी लांच करने की तैयारी कर ली है। न्यूयॉर्क टाइम्स में आई खबर के मुताबिक गूगल, इंटेल और सोनी एक सेटटॉप बॉक्स पर काम कर रहे हैं जो कि गूगल एड्रॉयड सॉफ्टवेयर पर काम करेगा जिसे गूगल टीवी नाम दिया गया है। इस तकनीक के लिए वह विभिन्न टेलीविजन कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं। इन डिवाइस में गूगल बतौर इंटरफेस काम करेगा।

इंटेल पिछले एक दशक में सिलिकॉन चिप के सहारे इस बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहा है। वहीं याहू भी टेलीविजन की तकनीक पर काम कर रहा है। गूगल के पार्टनर एड्रायड सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर सेटटॉप बॉक्स बनाने में लगे हुए हैं। माना जा रहा है कि इस डिवाइस में गूगल क्रोम का प्रयोग होगा। गूगल यूजर इंटरफेस को डिजाइन करेगा। इसके माध्यम से भी आप इंटरनेट के साथ टेलीविजन देखने का लुत्फ उठा सकेंगे।

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