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7 मार्च, 2021|11:37|IST

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प्रसून जोशी के पांच मंत्र

एड गुरु और गीतकार प्रसून जोशी आज के युवाओं के लिये एक रोल मॉडल सरीखे हैं। युवा जानना चाहते हैं कि आखिर प्रसून अपनी क्रिएटिविटी को कैसे संवारते हैं। आगे बढ़ने के लिये किन फॉर्मूलों को अपनाते हैं। प्रसून से जानते हैं उनकी सफलता के वे सूत्र जो दूसरों, खासतौर से युवाओं के काम आ सकते हैं।

1. आज कॉरपोरेट की दुनिया हो या मार्केटिंग का संसार, ग्लैमर वर्ल्ड हो या मल्टीनेशन कंपनियां..कोई भी क्षेत्र हो और कैसा भी काम हो..नये विचारों की हर जगह दरकार है। नये विचार नहीं होंगे तो काम आगे नहीं बढ़ेगा। सवाल यह है कि नये विचार कहां से आयेंगे? ये सवाल अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं। मैं कहता हूं कि अगर नये विचार आपको सोचने हैं तो अपनी संवेदनशीलता का दायरा बढ़ाना होगा। जब आप चीजों को बारीकी से महसूस करेंगे तो उसके हर दायरे को समझोंगे, तब उस दिशा में ज्यादा से ज्यादा सोच पायेंगे। इस पूरी प्रक्रिया से आप नये विचार या आइडिया सोचने लगेंगे।

2. आपके अंदर जितने ज्यादा कंफ्यूजन होंगे, भ्रम की स्थिति जितनी ज्यादा होगी, आपकी क्रिएटिविटी का लेवेल भी उतना ही ऊंचा होगा। जब आप भ्रम में होते हैं तो ही आप हल की खोज करते हैं। इस खोज से ही नयी चीजें बनती हैं। स्पष्टता से कभी कोई कुछ नया नहीं बन पाता। इसलिये कंफ्यूजन की स्थिति को अपनी कमी मत समझिये, बल्कि उसे दूर करने की कोशिश कीजिये। मैं हमेशा जब भी कोई काम करता हूं तो कंफ्यूज ही रहता हूं। फिर उस कंफ्यूजन को दूर करने की कवायद में ही कुछ नया गढ़ पाता हूं

3. आप जिस भी विषय पर काम कर रहे हैं, उस विषय के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की कोशिश कीजिये। आपकी जानकारी का दायरा जितना फैला हुआ होगा, आपके काम में उतनी ही गहराई आयेगी। जब आप सब कुछ जान जायेंगे तो आपको अपनेआप पता चलने लगेगा कि आपको क्या काम कैसे करना है? मैं किसी भी प्रोडक्ट या ब्रांड के साथ काम करता हूं तो सबसे पहले उस पर पूरा होमवर्क करता हूं। समझता हूं कि बैकग्राउंड क्या है? ऑडियंस कैसी है? भविष्य में उसमें किस तरह के बदलाव की जरूरत होगी? वगैरह-वगैरह। इसके बाद ही काम करता हूं।

मेरा मानना है कि अगर इस तरह की जानकारी काम से पहले जुटा ली जाये तो काम की सफलता का प्रतिशत काफी बढ़ जाता है।

4. मुझे लगता है कि हमें खुद को अभिव्यक्त करना भी सीखना चाहिये। यह एक ऐसी कला है, जो आगे बढ़ने या सफलता हासिल करने में हमारी सहायता करती है। खुद को अभिव्यक्त करने के लिये हम कई तरह की कोशिशें कर सकते हैं।

अगर हमारी कोशिश क्रिएटिव होगी तो हमें जल्दी परिणाम दिखायी देंगे। मसलन हम कविता लिख सकते हैं। अपने विचारों को आधार बना कर पेंटिंग बना सकते हैं। कहानी लिख सकते हैं। इस तरह धीरे-धीरे हम खुद को अभिव्यक्त करना सीख सकते हैं।

5. हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिये कि आगे बढ़ने में हमारी सबसे ज्यादा सहायता हमारा ज्ञान और अनुभव करता है, इसलिये इन दोनों दिशाओं में हमें हमेशा प्रयास करते रहना चाहिये। हम जितना ज्यादा ज्ञान और अनुभव इकट्ठा करेंगे, उतनी आसानी से ही काम कर पायेंगे। इसलिये कोशिश करनी चाहिये कि ज्यादा से ज्यादा ज्ञान हासिल कर सकें और काम करके ज्यादा से ज्यादा अनुभव हासिल कर सकें।

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  • Web Title:प्रसून जोशी के पांच मंत्र