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ऑप्टीकल शीट

एडमिशन फॉर्म भरते वक्त, प्रतियोगी परीक्षा देते समय आप आप अपने बहुविकल्पीय उत्तरों को कंप्यूटर शीट में भरते हैं, लेकिन यह ऑप्टिकल आंसर शीट होती क्या है, इनकी सहायता से कैसे आपके नंबर आंके जाते हैं?
ऑप्टिल आंसर शीट एक तरह का फॉर्म होता है, जिसका इस्तेमाल बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने में किया जाता है। इसके आधार पर ही प्रश्नों की जांच की जाती है। ऑप्टिकल मार्क रिकगनेशन के आधार पर उत्तरों की जांच की जाती है। सामान्यत: ऑप्टिकल आंसर शीट में काले रंग के गोले या चौकोर बॉक्स होते हैं। जिन पर पेंसिल और वॉल पेन से उत्तर दिया जाता है। ऑप्टिकल आंसर शीट में ही बार कोड होता है। बार कोड, ऑटोमेटिक प्रोसेसिंग के आधार पर उत्तर की जांच करता है। ज्यादातर इनका इस्तेमाल शिक्षा से जुड़े मामलों में ही किया जाता है। परीक्षार्थी द्वारा शीट में भरी गई इनफॉरमेशन को कॉपी चेक करने वाला स्केनिंग मशीन में डालता है। मशीन, अपनी प्रोगामिंग के अनुसार सही, गलत उत्तरों की जांच करती है। अगर परीक्षा में निगेटिव मार्किंग है, तो स्केनिंग मशीन, प्रोग्रामिंग के अनुसार नंबरों का आकलन करती है। कई कंपनियों पर कर्मचारी से शुरुआत में ऑप्टिकल आंसर शीट भरवाते हैं, जिसमें उसका नाम, पता और बाकी जानकारियां होती है, जो कि स्केनिंग करने के बाद सीधे कंपनी के डाटाबेस में सेव हो जाती है।
ऑप्टिकल आंसर शीट भरते वक्त आपको कई तरह की हिदायतें दी जाती हैं, मसलन किसी आंसर को बार-बार बिगाड़े नहीं, गोले को सही से भरें, क्योंकि ऑप्टिकल आंसर शीट छोटी से छोटी गलतियों को पकड़ सकने में सक्षम होती है। यहां तक कि आंशिक रूप से भरा गया गोला भी इस मशीन के द्वारा पकड़ा नहीं जाएगा, जिसे कॉपी जांचते समय इसे माना नहीं जाएगा। इस मशीन की सहायता से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे समय तो बचता ही है, साथ ही आपके मैटर से छेड़छाड़ नहीं जा सकती।

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