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एनसीईआरटी

देश में इन दिनों स्कूली शिक्षा में व्यापक परिवर्तन लाए जाने पर विमर्श चल रहा है। राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एनसीईआरटी भारत में स्कूली शिक्षा संबंधी सभी नीतियों पर कार्य करता है। इसकी स्थापना भारत सरकार ने की थी। एनसीईआरटी का मुख्य कार्य शिक्षा एवं समाज कल्याण मंत्रालय को विशेषकर स्कूली शिक्षा के संबंध में सलाह देने और नीति-निर्धारण में मदद करने का है।

इसके अतिरिक्त एनसीईआरटी के अन्य कार्य हैं शिक्षा के समूचे क्षेत्र में शोधकार्य को सहयोग और प्रोत्साहित करना। उच्च शिक्षा में प्रशिक्षण को सहयोग देना। स्कूलों में शिक्षा पद्धति में लाए गए बदलाव और विकास को लागू करना। राज्य सरकारों और अन्य शैक्षणिक संगठनों को स्कूली शिक्षा संबंधी सलाह आदि देना। अपने कार्य हेतु प्रकाशन सामग्री और अन्य वस्तुओं के प्रचार की दिशा में कार्य करना। इसी तरह देश शिक्षा से जुड़े लगभग हरेक कार्य में एनसीईआरटी की मौजूदगी किसी न किसी रूप में रहती है।

कई अन्य शैक्षणिक संस्थान एनसीईआरटी के सहयोगी के तौर पर कार्यरत हैं, इनमें प्रमुख हैं दि डिपार्टमेंट ऑफ वुमेन स्टडीज, जो महिला शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है। इस दिशा में यह संस्था नीतिगत बदलाव और सलाह का आदान-प्रदान करती है।

इसी तरह डिपार्टमेंट ऑफ वुमेन स्टडीज भी केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर महिला शिक्षा के क्षेत्र में गत दो दशक से कार्य कर रही है। इनके अलावा, कई गैर सरकारी संस्थान भी एनसीईआरटी के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। यह गैर सरकारी संगठन देश के दूर-दराज के हिस्सों में कार्यरत हैं और शिक्षा के क्षेत्र में कई काम कर चुके हैं और कर रहे हैं।

एनसीईआरटी के मौजूदा निदेशक शिक्षाविद् प्रोफेसर कृष्ण कुमार हैं। वह सितंबर 2004 से इस पद पर हैं और उनके कार्यकाल में अब तक एनसीईआरटी प्राइमरी, मिडिल एवं हायर सैकेंड्री स्तर की शिक्षा में व्यापक सुधार लाए जाने हेतु कई परिवर्तन किए हैं।

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