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न्यूरॉन

न्यूरॉन एक वैद्युत कोशिका होती है जो विद्युतचुंबकीय प्रक्रिया से संदेश प्रवाहित करते हैं। न्यूरॉन नर्वस सिस्टम के प्रमुख भाग होते हैं जिसमें दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड और पेरीफेरल गैंगिला होते हैं। कई तरह के स्पेशलाइज्ड न्यूरॉन होते हैं जिसमें सेंसरी न्यूरॉन, इंटरन्यूरॉन और मोटर न्यूरॉन होते हैं।

किसी चीज को छूने, साउंड या प्रकाश के दौरान ये न्यूरॉन ही प्रतिक्रिया करते हैं और यह अपने सिग्नल स्पाइनल कार्ड और दिमाग को भेजते हैं। मोटर न्यूरॉन दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड से सिग्नल ग्रहण करते हैं। मांसपेशियों की सिकुड़न और ग्रंथियां इससे प्रभावित होती है। परंपरागत न्यूरॉन में सोमा, डेंड्राइट और एक्सन होता है।

न्यूरॉन का मुख्य हिस्सा सोमा होता है। न्यूरॉन को उसकी संरचना के आधार पर भी विभाजित किया जाता है। यह यूनीपोलर, बाईपोलर और मल्टीपोलर होते हैं। न्यूरॉन में कोशिकीय विभाजन नहीं होतौ जिससे इसके नष्ट होने पर दुबारा प्राप्त नहीं किया जा सकता। ज्यादातर मामलों में इसे स्टेम सेल के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। ऐसा देखा गया है कि एस्ट्रोसाइट को न्यूरॉन में बदला जा सकता है।

न्यूरॉन शब्द का पहली बार प्रयोग जर्मन एनाटॉमिस्ट हेनरिक विलहेल्म वॉल्डेयर ने किया था। 20वीं शताब्दी में पहली बार न्यूरॉन प्रकाश में आई जब सेंटिगयो रेमन केजल ने कहा कि यह तंत्रिका तंत्र की प्राथमिक फंक्शनल यूनिट होती है। केजल ने प्रस्ताव दिया था कि न्यूरॉन अलग कोशिकाएं होती हैं जो कि स्पेशलाइज्ड जंक्शन के द्वारा एक दूसरे से कम्युनिकेशन करती है।

न्यूरॉन की संरचना का अध्ययन करने के लिए केजल ने कैमिलो गोल्गी द्वारा बनाए गए सिल्वर स्टेनिंग मैथड का प्रयोग किया। दिमाग में न्यूरॉन की संख्या प्रजातियों के आधार पर अलग होती है। एक आकलन के मुताबिक मानव दिमाग में 100 बिलियन न्यूरॉन होते हैं।

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