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माइक्रोप्रोसेसर

यह एक ऐसा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसमें लाखों ट्रांजिस्टरों को एकीकृत परिपथ अर्थात इंटीग्रेटेड सर्किट या आईसी के रुप में प्रयोग कर तैयार किया जाता है। इससे कंप्यूटर के सीपीयू अर्थात सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट की तरह भी काम लिया जाता है। इंटीग्रेटेड सर्किट के आविष्कार ने ही माइक्रोप्रोसेसर के निर्माण का रास्ता खोला था। माइक्रोप्रोसेसर के अस्तित्व में आने के पूर्व सीपीयू अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक अवयवों को जोड़कर बनाए जाते थे या फिर लघुस्तरीय एकीकरण वाले परिपथों से।

सबसे पहला माइक्रोप्रोसेसर 1970 में बना था। तब इसका प्रयोग इलेक्ट्रॉनिक कैलकुलैटर में बाइनरी कोडिड डेसिमल या बीसीडी की गणना करने के लिए किया गया था। बाद में 4 व 8 बिट माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग टर्मिनल्स, प्रिंटर और ऑटोमेशन डिवाइस में किया गया था।

आमतौर पर माइक्रोप्रोसेसर के आविष्कार का श्रेय इंटेल 4004 नामक माइक्रोप्रोसेसर को जाता है। इंटेल ने इसे 1971 में बाजार में उतारा था। पर यह भी सही है कि इसी समय टेक्सास इंस्ट्रुमेंट्स के टीएमएस 1000 और गॉरेट एआई रिसर्च यानी जीएसी ने सेंट्रल एयर डेटा कंप्यूटर (सीएडीसी) का निर्माण शुरू कर दिया था। इंटेल 4004 का आविष्कार 1969 में हुआ था। इसके निर्माण का आर्डर जापानी कंपनी बिजीकॉम ने इंटेल को दिया था। इसके प्रमुख अनुसंधानकर्ता के तौर पर इंटेल के इंजीनियर टेड हॉफ का नाम लिया जाता है। हालांकि टेड मूलत: चिप डिजाइनर नहीं था पर उसने बिजीकॉम चिप में फेरबदल कर इसका निर्माण किया। इस माइक्रोप्रोसेसर की खूबियों को स्टेनली माजोर और बिजीकॉम के इंजीनियर मात्सातोषी सिमा ने जोड़ा। आधुनिक चिप विकसित करने का श्रेय फ्रेडरिको फेगिन को दिया जाता है। फ्रेडरिको ने ही सिलीकोन गेट तकनीक का आविष्कार किया जिसकी बदौलत माइक्रोप्रोसेसर का सीपीयू में उपयोग हो सका।
(तैयारी डेस्क)

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  • Web Title:माइक्रोप्रोसेसर