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क्लोरोफॉर्म

क्लोरोफॉर्म एक रंगहीन और सुगंधित तरल पदार्थ होता है जिसे किसी चिकित्सकीय जगत में मरीज को बेहोश कर ऑपरेशन किए जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि अब इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया है।

आज क्लोरोफॉर्म का इस्तेमाल रसायन और साबुन इत्यादि बनाने में किया जाता है। क्लोरोफॉर्म का निर्माण इथानोल के साथ क्लोरीन की क्रिया कराने के बाद होता है। यह विषैला भी होता है और इसे सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। क्लोरोफॉर्म के अधिक निकट रहने से शरीर के कई अंगों पर बुरा असर पडता है।

क्लोरोफॉर्म का चिकित्सा जगत में इस्तेमाल 1847 से ही शुरू हो गया था, लेकिन जल्द ही रोगियों पर इसके पड़ने वाले विपरीत प्रभाव के कारण इसके इस्तेमाल पर प्रश्न उठने लगे। बीसवीं सदी की शुरुआत में क्लोरोफॉर्म के स्थान पर सुरक्षित और सस्ती दवाएं इस्तेमाल में लाई जाने लगी थीं। आज चिकित्साजगत में अन्य दवाओं के साथ-साथ हेलोथेन, आइसोफ्लुरेन और सेवोफ्लुरेन का इस्तेमाल किया जाता है।

शरीर पर क्लोरोफॉर्म के विपरीत असर लिवर, गुर्दो और दिल पर पड़ते हैं। त्वचा पर भी क्लोरोफॉर्म का असर पड़ सकता है। क्लोरोफॉर्म के कारण त्वचा पर सलवटें और धब्बे पड़ सकते हैं। क्लोरोफॉर्म सुंघाने से भी बचना चाहिए। कुछ स्थानों पर लोग पानी में मिला क्लोरोफॉर्म भी पी जाते हैं।

क्लोरोफॉर्म पानी में आसानी से घुल जाता है। ऑक्सीजन और सूर्य के प्रकाश से क्रिया करने पर इस से फॉसजीन नामक जहरीली गैस निर्मित होती है। लेकिन यदि क्लोरोफॉर्म को खुले में ले जाया जाए तो फॉसजीन हानिरहित हो जाती है।

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  • Web Title:क्लोरोफॉर्म