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डाइटरी फाइबर

भोजन में मिलने वाला फाइबर जिसे डाइटरी फाइबर भी कहा जाता है, पौधों से मिलने वाले ऐसे तत्व हैं जो स्वयं तो अपाच्य होते हैं, लेकिन मूल रूप से पाचनक्रिया को सुचारू बनाने का कार्य जरूर करते हैं। साथ ही डाइटरी फाइबर साल्यूबल (घुलनशील) और इनसॉल्यूबल (अघुलनशील) भी होते हैं।

डाइटरी फाइबर के भोजन स्नोतों को अक्सर उनके सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल आधार पर भी बांटा जाता है। यह दोनों तत्व पौधों से मिलने वाले फाइबर में पाए जाते हैं। सेहत के लिहाज से दोनों तरह के फाइबर अपने-अपने तरीके से काम करते हैं। सॉल्यूबल फाइबर से संपूर्ण स्वास्थय पर सकारात्मक असर पड़ता है, वहीं इनसॉल्यूबल फाइबर से मोटापा संबंधी समस्या भी बढ़ सकती है।

डाइटरी फाइबर सभी पौधों में पाए जाते हैं। जिन पौधों में फाइबर अधिक मात्र में पाया जाता है, ज्यादातर उनसे ही इन्हें प्राप्त किया जाता है। अधिक मात्र वाले फाइबर पौधों को सीधे तौर
पर भी खाया जा सकता है या इन्हें उचित विधि से पकाकर भोजन के तौर पर भी खाया जा
सकता है।

सॉल्यूबल फाइबर कई पौधों में पाए जाते हैं जिनसे मिलने वाले खाद्य पदार्थो में जौ, केला, सेब, मूली, आलू, प्याज आदि प्रमुख हैं। जबकि इनसॉल्यूबल फाइबर अनाज, मक्का, आलू के छिलके, मूंगफली, गोभी और टमाटर में से प्राप्त होते हैं। रसभरी जैसे फल में भी फाइबर होता है। सॉल्यूबल फाइबर से शरीर को अधिक ऊर्जा मिलती है, जबकि इनसॉल्यूबल फाइबर से शरीर को ऊर्जा प्राप्त नहीं करनी चाहिए। इसके बावजूद, दोनों तरीके से शरीर में प्रति ग्राम फाइबर से चार कैलोरी भी जाती है।

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  • Web Title:डाइटरी फाइबर