DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   कोलेस्ट्रॉल

एजुकेशनकोलेस्ट्रॉल

लाइव हिन्दुस्तान टीम
Wed, 15 Jul 2009 01:05 AM
कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल शरीर का आवश्यक अंग है। यह मोम सदृश तत्व होता है। यह मनुष्य के शरीर में प्राकृतिक रूप में मौजूद होता है। आपके शरीर को सुचारू रूप से बेहतर काम करने के लिए कुछ कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है।

स्रोत
किसी व्यक्ति के खून में कोलेस्ट्रॉल के आने के दो स्रोत होते हैं पहला रोजमर्रा की डाइट से, दूसरा लीवर के प्रोडक्शन द्वारा। कोलेस्ट्रॉल की अधिकता या कमी से समस्या हो सकती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल आíटरी में जमा हो जाता है और आíटरी को ब्लॉक कर देता है।अगर कोई आíटरी, जो आपके हृदय को खून की सप्लाई करती है, ब्लॉक हो जाए, तो हार्ट अटैक हो सकता है। अगर दिमाग को खून पहुंचाने वाली कोई आíटरी ब्लॉक हो जाए,तो पक्षाघात हो सकता है।

क्यों हैं नुकसानदायक
कोलेस्ट्रॉल की शरीर में जितनी अधिकता होगी, हृदय रोग और पक्षाघात की संभावना उतनी ज्यादा होगी। हर कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं होता। हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को एलडीएल (लो डेंस्टी लीपोप्रोटीन) और बेहतर कोलेस्ट्रॉल को एचडीएल (हाइ डेंस्टिी लीपोप्रोटीन) कहा जाता है। हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की वजह से ही आíटरी ब्लॉक हो जाती है।

एलडीएल की मात्रा ज्यादा होने और एचडीएल की मात्रा कम होने से हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल शब्द ग्रीक शब्द कोले और और स्टीयरियोज(सॉलिड) और इसमें केमिकल सफिक्स ओल लगा हुआ है। 1769 में फ्रेंकोइस पुलीटियर दी ला सैले ने गैलेस्टान में इसे ठोस रूप में पहचाना था। 1815 में केमिस्ट यूजीन चुरवेल ने इसका नाम कोलेस्ट्राइन रखा था।

संबंधित खबरें