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मालवेयर

मालवेयर कम्प्यूटर तकनीक से जुड़ा हुआ शब्द है। यह वास्तव में मैलीशियस सॉफ्टवेयर का संक्षिप्त रूप है। इनका प्रयोग कम्प्यूटर पर किसी की पहचान चोरी करने या गोपनीय जानकारी को लीक करने के लिए किया जाता है।

दरअसल, कई मालवेयर अवांछनीय ईमेल भेजने और कम्प्यूटर पर गोपनीय और अश्लील संदेश भेजने और हासिल करने का काम करते हैं। खास बात यह है कि हैकर्स इसका इस्तेमाल अपने हित में करते हैं और यूजर्स को पता भी नहीं होता कि इसके मेल से कौन सा मैटर भेजा गया।

इसमें स्पाई वेयर और एडवेयर प्रोग्राम जैसे ट्रैकिंग कुकीज शामिल होते हैं। यह प्रोग्राम नेट सर्फिग के लिए इस्तेमाल में लाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें की लॉगर्स, ट्रोजन हॉर्स वर्म्स और वायरस जैसे डरावने प्रोग्राम भी होते हैं।

जैसा कि नाम से जाहिर है, एक की लॉगर इस तरह का प्रोग्राम है जो हर की के लिए अलग साउंड करता है। इसमें पासवर्ड, बैंक एकाउंट्स और क्रेडिट कार्ड नंबर को अलग अलग की बोर्ड से पहचाना जा सकता है। ट्रोजन हॉर्स प्रोग्राम हमारे कम्प्यूटर को डैमेज कर सकता है। वायरस दूसरे प्रोग्राम के साथ जुड़कर जबकि वर्म्स आत्मनिर्भर होकर काम करते हैं। ये दोनों कम्प्यूटर के जरूरी सिस्टम को क्षतिग्रस्त कर उसे नुकसान पहुंचाते हैं।

दरअसल ये कम्प्यूटर को फ्रीज या क्रैश कर देते हैं। वर्म्स और वायरस दोनों आमतौर पर एक ही फाइल का प्रयोग करते हैं। मालवेयर ऐसे कोड या प्रोग्राम हैं, जो हमारे कम्प्यूटर सिस्टम को डैमेज करने के लिए काम करते हैं।

इनसे बचने के लिए बेहतर एंटी वायरस प्रोग्राम का इस्तेमाल करना चाहिए, जो इन्हें पहचान कर नष्ट करते हैं और हमारे कम्प्यूटर सिस्टम को सुचारू रूप से चलने देते हैं। ये प्रोग्राम लगातार अपडेट होते रहने चाहिए। चूंकि एंटी वायरस प्रोग्राम में ट्रोजन और स्पाई वेयर जैसे मालवेयर को निष्क्रिय करने की क्षमता नहीं होती इसलिए इनके साथ कम से कम एक एंटी एड वेयर प्रोग्राम को भी चलाना चाहिए।

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  • Web Title:मालवेयर