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साइबर वॉर

साइबर वॉर ऐसा युद्ध होता है जो इंटरनेट और कंप्यूटरों के जरिए लड़ा जाता है यानी इसमें हथियार इलैक्ट्रॉनिक होते हैं, न कि भौतिक। अनेक देश लगातार साइबर वॉर ड्रिल्स चलाते हैं जिससे वह किसी भी संभावित साइबर हमले के लिए तैयार रहते हैं। तकनीक पर लगातार बढ़ती जा रही है निर्भरता के कारण कई देशों को साइबर हमलों की चिंता सताने लगी है।

साइबर वॉर में तकनीकी तरीकों से हमले किए जाते हैं। ऐसे कुछ हमलों में बेहद पारंपरिक विधियां इस्तेमाल की जाती हैं, जैसे कंप्यूटर से जासूसी आदि। इन हमलों में वायरसों की मदद से वेबसाइटें ठप कर दी जाती हैं और सरकार एवं उद्योग जगत को पंगु करने का प्रयास किया जाता है।

साइबर वॉर में तकनीकी उपकरणों और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान पहुंचता है। एक कुशल साइबर योद्धा किसी भी देश की इलैक्ट्रिकल ग्रिडों में सेंध मारकर अत्यधिक गोपनीय सैन्य और अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकता है।

युद्ध के अन्य पारंपरिक तरीकों की तरह ही साइबर वॉर में किसी भी देश को अनेक रक्षात्मक विधियां और काउंटर अटैक के तरीके तैयार रखने पड़ते हैं, ताकि वह साइबर हमले के दौरान उसका तुरंत जवाब दे सके।
हथियारों की दौड़ के कारण अभी तक दुनिया भर के देशों में साइबर सुरक्षा के संबंध में व्यय सीमित ही किया जाता है। सरकारें अक्सर इसके लिए जन-साधारण में से साइबर विशेषज्ञों पर निर्भर रहती हैं। यही लोग
साइबर सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

वैसे इन योद्धाओं के लिए यह युद्ध पारंपरिक युद्ध से अधिक सुरक्षित है क्योंकि इसमें योद्धा एक सुरक्षित स्थान पर बैठा रहता है। साइबर योद्धा दुनिया के कई हिस्सों में मौजूद रहते हैं और वह सरकारों के निर्देशानुसार कंप्यूटर सिस्टमों में किसी भी किस्म की घुसपैठ पर नजर रखते हैं। कई देशों में साइबर सुरक्षा एक विशेषज्ञ कोर्स की तरह कराया जाता है जिसके बाद व्यक्ति साइबर योद्धा के तौर पर कार्य कर सकता है।

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  • Web Title:साइबर वॉर