DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सेटी

अमेरिका स्थित सेटी यानी सर्च फॉर एक्स्ट्रा-टेरेस्ट्रियल इंटेलीजेंस सुदूर ब्रह्मांड में जीवन तलाशने के काम में लगा है। इस कार्य के लिए सेटी रेडियो सिग्नलों का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा, ऑप्टीकल टेलीस्कोप और अन्य विधियों को इस्तेमाल किए जाने की भी सिफारिशें की गई हैं। बहरहाल, सेटी अपने प्रयासों में व्यस्त है और किसी अन्य ग्रह पर बौद्धिक जीवन के बारे में यदि कभी पता चलता है तो यह मानवीय इतिहास का एक अनोखा चरण होगा, लेकिन अभी तक की गणना के अनुसार ब्रह्मांड में हम अकेले हैं।

अंतरिक्ष अपने आप में कोई विशेष शक्तिशाली रेडियो सिग्नलवाहक नहीं है। सेटी के वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि सुदूर अंतरिक्ष में कोई अनजान सभ्यता धरती से भेजे गए हमारे रेडियो सिग्नलों को पकड़ती है तो उसे जवाब में अंतरिक्ष में सूचनाएं छोड़नी चाहिए जैसे कि हम रेडियो और टीवी स्टेशनों के माध्यम से सूचनाएं छोड़ते हैं। यदि अंतरिक्ष में कोई सभ्यता है तो उनके लिए इन संदेशों को पकड़ना भी खासा चुनौतीपूर्ण कार्य होगा।

सेटी के अनेक शोधकर्ता यह भी मानते हैं कि किसी बाहरी सभ्यता की तलाश के लिए हमें मद्धिम फ्रीक्वेंसी भेजी जानी चाहिए और हमारे सौरमंडल से बाहर भेजा जाने वाला कोई भी संदेश अंतरिक्ष में किसी एक स्थान पर स्थित ही रहना चाहिए। इसके लिए सेटी के खगोलविदें ने विशालकाय सुपरकंप्यूटरों द्वारा संदेशों को स्कैन करने का काम किया है, जिसके बाद अंतत:यह कार्य एक विकेंद्रीकृत कंप्यूटिंग नेटवर्क, सेटीएटहोम को दे दिया गया। यों अभी तक किसी अन्य खगोलीय सभ्यता के कोई लक्षण सामने नहीं आए हैं।
अनेक खगोलविदें का कहना है कि कोई भी बाहरी सभ्यता रेडियो संदेशों का आदान-प्रदान नहीं करेगी, चूंकि वह पृथ्वी की सभ्यता से कहीं आगे होगी। इसलिए खगोलविद् अंतरिक्ष में लेजर किरणों की भी तलाश कर रहे हैं। यदि अंतरिक्ष में सूचनाएं भेजने की यह कवायद अंतत: विफल रहती है तो सेटी को कोई यान ही भेजना पड़ेगा, जो इससे भी कहीं कठिन कार्य होगा।

 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सेटी