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सभी चिंताओं से मुक्त होना है योग

योग की अनेक महापुरुषों ने अपने-अपने तरीके से व्याख्या की है। वैसे योग के बारे में साधारणत: लोग समझते हैं कि दो-चार आसन और प्राणायाम करने से ही योग हो गया। किन्तु ऐसी बात नहीं है। महान दार्शनिक महर्षि पतंजलि के अनुसार योग की परिभाषा है- मनुष्य के अंदर जितनी वृत्तियां हैं, उनका निरोध ही योग है। स्वाभाविक तौर पर मनुष्य के अंदर पचास वृत्तियां हैं और अस्वाभाविक तौर पर एक हजार वृत्तियां। वैसे योग शब्द का शाब्दिक अर्थ है- जोड़ना और योग का दूसरा अर्थ है- एकीकरण यानी मिलन। पतंजलि के योग का अर्थ न तो जोड़ना और न ही एकीकरण है। पतंजलि योग का तात्पर्य सभी वृत्तियों के निरोध से है। योग शब्द की दूसरी व्याख्या है- सभी चिन्ता से मुक्त होने का नाम ही योग है। उदाहरणस्वरूप थोड़ी देर के लिए मान लिया जाए कि अगर हम सभी चिन्ता से मुक्त हो गए तो योग की स्वाभाविक प्रक्रिया कैसे होगी। योग के बारे में भगवान शिव और कृष्ण ने जो व्याख्या दी है, वही सर्वश्रेष्ठ और सटीक व्याख्या है- जीवात्मा के परमात्मा के साथ एकाकार होने का नाम ही योग है। जिस तरह पानी और चीनी को मिलाने से एकाकार हो जाता है यानी मिलने के बाद चीनी और पानी का अलग अस्तित्व नहीं रहता है, उसी तरह आध्यात्मिक साधना के माध्यम से जब साधक परमात्मा के साथ मिल कर एक हो जाता है तो उस समय मैं तथा परमात्मा के बोध का कोई अस्तित्व नहीं रहता। यही सटीक और सर्वश्रेष्ठ योग प्रक्रिया है। आनन्द मार्ग के योग साधना में भी योग शब्द की व्याख्या इसी प्रकार है- जीवात्मा को परमात्मा के साथ मिलाने की जो आध्यात्मिक साधना की प्रक्रिया है, वही योग है। साथ ही महर्षि पतंजलि का अष्टांग योग सर्वश्रेष्ठ और व्यावहारिक माना गया है। तब आसन और प्राणायाम क्या हैं? हां, आसन करने से शरीर और मन स्वस्थ रहता है। यह ग्रंथि दोष को दूर करता है। आसन करने से मन अप्रिय चिंता से दूर रहता है। यह सूक्ष्म और उच्च कोटि की साधना में काफी मददगार साबित होता है। नियमित आसन करने से शरीर में लचीलाचन होता है। योग करने से शरीर और मन का संतुलन बना रहता है। आसन मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं- स्वास्थ्यासन और ध्यानासन। स्वास्थ्यासन मुख्यत: स्वास्थ्य लाभ और आध्यात्मिक प्रगति के लिए किया जाता है, जबकि ध्यानासन मन को केंद्रित करने और साधना में मदद करता है। प्राणायाम एक प्रक्रिया है, जो श्वास नियंत्रण के साथ ईश्वरीय भाव आरोपित करता है।

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