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करियर बनाएं बुलेट प्रूफ

ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में काम का तरीका बदल रहा है और चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसके चलते प्रोफेशनल्स को भी अपने काम के ढर्रे और नजरिए में बदलाव लाने की जरूरत है, ताकि आपके लिए कभी भी मार्केट में जॉब की कमी न रहे। कैसे, बता रहे हैं संजीव चन्द

2008-09 का वह दौर शायद ही कोई याद करना चाहेगा, जिसमें वैश्विक मंदी के चलते हजारों-लाखों प्रोफेशनल्स को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था तथा कई सेक्टरों व कंपनियों की रीढ़ टूट गई थी। नौकरी जाने या इन्क्रीमेंट न लगने का डर प्रोफेशनल्स के सिर चढ़कर बोलने लगा था। इससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगी। लेकिन धीरे-धीरे मंदी के बादल छंटने लगे और कंपनियों की स्थिति मजबूत होती गई।

यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के शोधकर्ता जेम्स लॉरेंस के अनुसार, नौकरी हाथ से जाने के बाद लोग लम्बे समय खुद के साथ-साथ दूसरों पर भी भरोसा नहीं कर पाते। यह प्रवृत्ति लम्बे समय तक उनके व्यवहार में शामिल रहती है। ऐसी स्थिति न आने पाए, इसकी कई सारी चीजें तो प्रोफेशनल्स के ही हाथ में हैं, जिनकी बदौलत वे अपने करियर को संकट की स्थिति में न डालकर मजबूती और स्थायित्व दे सकते हैं।

अपनी यूएसपी पहचानें
हर इंसान के अंदर उसकी कोई न कोई यूएसपी (यूनिक सेलिंग प्वाइंट) जरूर होती है, जिसके जरिए वह खुद को लोगों की नजरों में ला सकता है। बतौर प्रोफेशनल्स जरूरी है कि आप उसे पहचानें और उसे बनाए रखें। करियर में आप कहां तक जाना चाहते हैं, उसे हासिल करने में कितना समय लगेगा, आपकी तरक्की की संभावनाएं कितनी हैं आदि बातों के संदर्भ में लॉन्ग टर्म विजन बनाएं। यह आपके करियर को मजबूती देगा। यदि आप कहीं असफल रहे हैं तो उसे स्थायी न मानें। अपनी निगेटिव सोच पर विराम लगाएं।

ऑफिस का माहौल दोस्ताना रखें
ऑफिस में कोई ऐसा काम न करें, जिससे वहां का माहौल खराब हो या आपके करियर पर संकट खड़ा हो। काम का आनंद तभी आता है, जब सभी के साथ आपके संबंध दोस्ताना हों। इसके लिए आप अपनी तरफ से पहल कर सकते हैं। आपकी खुशमिजाजी लोगों के बीच लोकप्रियता बढ़ाने का काम करेगी। कंपनियां भी ऐसे ही प्रोफेशनल्स को तरजीह देती हैं, जो ऑफिस में वाद-विवाद न कर माहौल खुशनुमा बनाए रखते हैं। इसके साथ ही कलीग्स के प्रमोशन एवं अन्य सफल मौकों पर उन्हें बधाई देने में कोताही न बरतें।

समय का ख्याल रखें
हर काम की एक निश्चित समय-सीमा होती है। उसके बाद उसे करने का कोई मतलब नहीं रह जाता। बॉस भी उन्हीं कर्मचारियों को आगे बढ़ाता है, जो अपना काम तय समय पर कर देते हैं। इसलिए आप चाहे जिस क्षेत्र में हों, अपना काम समय पर पूरा करें। इससे कोई हड़बड़ाहट नहीं होगी और नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। करियर कांउसलर गीतांजलि कुमार का कहना है कि अपनी ऊर्जा इस बात में लगाइए कि कैसे आप अपना काम समय से कर सकेंगे, बजाय इस बात की चिंता करने की कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं।

चुनौतियों को स्वीकारें
हम में से अधिकांश लोग जीवन में अपनी पहली नौकरी बिना अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को जानते हुए करते हैं। ऐसे में नौकरी के दौरान उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन्हें स्वीकार करें और फैसला लेने की आदत डालें। एक प्राइवेट कंपनी में बतौर एचआर मैनेजर काम करने वाले नितिन घोषाल का कहना है कि अधिकांश बॉस अपने एम्प्लॉईज के सामने जान-बूझकर चुनौतियां पेश करते हैं। इसका लाभ यह होता है कि उनमें आपस में कॉम्पिटीशन की भावना बढ़ती है। साथ ही प्रोडक्टिविटी व क्षमता में निखार आता है।

कम्युनिकेशन गैप न रहे
आप कंपनी में काम करते हुए चाहे कितना ही बेहतर क्यों न कर रहे हों, लेकिन इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके और बॉस के बीच या आपके और अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच आपसी संवाद बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए। आप खुद से यह सवाल पूछ सकते हैं कि इसे कैसे और बेहतर बना सकते हैं। यदि किसी को आपकी मदद की जरूरत है तो इसमें पीछ न हटें। इससे काम में कोई रुकावट नहीं आएगी और ऑफिस में आपकी भूमिका सशक्त होगी। इन सबके बीच अपनी खुद की नेटवर्किंग मजबूत रखें। चाहें तो हफ्ते में एक दिन का समय निकाल लें।

तुरंत रिएक्ट न करें
आप काम कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि आपसे गलतियां तो होंगी ही। काम के दौरान कई बार ऐसा भी दौर आता है, जब गलती होने पर आपको सार्वजनिक रूप से फटकार सुनने को मिलती है। या किसी और की गलती की डांट आप सुन रहे होते हैं। ऐसे में उत्तेजित होकर रिएक्ट करने के बजाय खुद पर नियंत्रण रखें। एक तरह से यह आपकी परीक्षा की घड़ी होती है। भले ही आपकी कोई गलती न हो या ऐसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसे आप बाद में स्पष्ट कर सकते हैं। इसके लिए माहौल ठंडा होने का इंतजार करें।

प्रगति से अवगत कराएं
आज जमाना मार्केटिंग का है। यानी करने के साथ-साथ दिखाना भी जरूरी है। आपने कुछ ऐसा किया है, जो लीक से अलग हटकर हो या कंपनी की बढ़ोतरी के लिए है तो उससे अपने बॉस या टीम लीडर को जरूर अवगत कराएं। इससे आप फ्रंट लाइन में रहेंगे तथा अप्रेजल या प्रमोशन की लिस्ट में आप औरों से बेहतर होंगे। आपके पास यदि कुछ ‘सॉलिड आइडिया’ है तो उसे टीम लीडर के सामने जरूर रखें। लेकिन इसके प्रजेंटेशन का तरीका आपको मालूम होना चाहिए। इमानदारी के साथ अपनी बात को सौम्यतापूर्वक उनके बीच में ले जाएं।

खुद को रखें अपडेट
करियर की प्रतिस्पर्धा और उसमें मजबूती के साथ टिके रहने के लिए जरूरी है कि आप खुद को लगातार अपडेट करते रहें। अपनी सफलता का विवरण तैयार करें तथा रेज्यूमे में उसे सही ढंग से उल्लेख करें। कुछ अतिरिक्त मेहनत करने के लिए भी तैयार रहें। अपने काम से संबंधित कंपनी की वेबसाइट तलाशें और नई सूचनाओं से अपडेट रहें। वर्कशॉप और सेमिनार में भाग लें। आपका लक्ष्य क्या है, इसकी पहचान से शुरुआत करें। आजकल हर करियर से जुड़े स्पेशलाइज्ड कोर्स हैं। आप उन्हें करके काम की बारीकियां समझ सकते हैं।

विभिन्न सर्वे में नौकरी व शिक्षा से संबंधित कुछ आंकड़े सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं-
- 65 प्रतिशत महिलाएं खुद के बेरोजगार होने पर असहज महसूस करती हैं। (फोब्र्स वूमेन व यॉर टैंगो डॉट कॉम के सर्वे के अनुसार)
- 57 प्रतिशत छात्र शिक्षित तो हैं लेकिन उनके पास रोजगार के लिए अपेक्षित तैयारी नहीं हैं।
- 18 प्रतिशत भारतीयों को अपनी नौकरी से इतना प्यार है कि वे मुफ्त में भी काम करने को तैयार हैं।
- 66 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों ने संस्थानों में कम्प्यूटर और इंटरनेट सम्पर्क के प्रावधानों की सिफारिश की।
- 62 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में आईसीटी के समायोजन के लिए बोड्र्स लगाया जाना जरूरी है।

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