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देशप्रिय क्लब का नाट्योत्सव संपन्न, नाटकों में मुखर हुए सामाजिक मुद्दे

देशप्रिय क्लब की ओर से आयोजित दो दिवसीय 28वां नाट्योत्सव सोमवार को संपन्न हुआ। आखिरी दिन दो बांग्ला नाटकों- ‘अलोकनंदार पुत्र कन्या और ‘विवाह विभ्राट का मंचन किया गया।

पहली प्रस्तुति ‘अलोकनंदार पुत्र कन्या मेकॉन की सांस्कृतिक इकाई मजलिस की ओर से दी गई। मनोज मित्र लिखित इस नाटक का निर्देशन किया वरुण बनर्जी ने। सामाजिक-पारिवारिक परिवेश की विसंगतियों और समस्याओं को इसमें रोचक ढंग से दिखाया गया।

दूसरी प्रस्तुति थी देशप्रिय क्लब की- ‘विवाह विभ्राट। शैलेश गुहा नियोगी लिखित इस नाटक का निर्देशन किया देवव्रत सेनगुप्ता ने। इसमें हास्य व्यंग्य शैली में योग्य कन्या के लिए वर ढूंढने की मशक्कत को असरदार ढंग से उभारा गया। बेटी का विवाह न होने पर माता-पिता किस तनाव से गुजरते हैं। यहां तक कि कई बार अंधविश्वास का भी सहारा लेते हैं और कई बार बेमेल शादी के लिए भी राजी हो जाते हैं।

सामाजिक सोच के तहत किसी भी तरह लड़की का विवाह करा देने की मजबूरी पर कटाक्ष करनेवाले इस नाटक को दर्शकों की सराहना मिली। मौके पर क्लब के अध्यक्ष डॉ कमल बोस, सचिव असीम सरकार, कंवेनर सुदीप्ता चक्रवर्ती समेत बड़ी संख्या में कलाप्रेमी मौजूद थे।

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  • Web Title: social issues Vocal in plays