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एचईसी इस बार फिर टेंडर डालेगा

इलेक्ट्रिक रेल इंजन का कार्यादेश लेने के लिए एचईसी एक बार फिर प्रयास कर रहा है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इसके लिए चित्तरंजन लोको वर्कस टेंडर निकालने वाला है। एचईसी इस बार फिर टेंडर डालेगा। इसके लिए एचईसी ने दो साल पहले ही जर्मन की कंपनी सिमेंस एजी के साथ समझौता किया है। दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से टेंडर डालने वाली हैं। इलेक्ट्रिक रेल इंजन की डिजाइन दोनों कंपनियों ने पहले ही तैयार कर ली है। इसके निर्माण में सीमेंस इलेक्ट्रिक से संबंधित कार्य में सहयोग करेगा, जबकि एचईसी मैकेनिकल का काम करेगा। एचईसी रेलवे के कई उपकरणों का निर्माण पहले से करता रहा है। रेलवे को इंजन की जरूरत है। रेलवे की दो फैक्ट्रियों में ही निर्माण होता है। भेल भी निर्माण करता है, लेकिन रेलवे की जरूरतें अभी पूरी नहीं हो रही हैं। इसे देखते हुए एचईसी ने इंजन निर्माण की योजना बनायी है। एचईसी के अधिकारियों का एक दल चित्तरंजन प्लांट का दौरा कर लौट चुका है। इसके पहले भी दोनों कंपनियों ने टेंडर डाला था, लेकिन एचईसी एल वन नहीं हो सका था। रेलवे से भी मिला है सहयोग का भरोसारेलवे के लिए एचईसी ह्वील का निर्माण करेगा, जिसपर भी काम हो रहा है। रेलवे अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए चीन से ह्वील का आयात कर रहा है। एचईसी रेलवे के लिए एक्सल का निर्माण पहले से करता रहा है। अब ह्वील भी बनाने की तैयारी है। इसके लिए मंत्रालय स्तर पर भी वार्ता हुई है। रेल मंत्रालय ने एचईसी को सहयोग करने का भी आश्वासन दिया है। इसके बाद से ही ह्वील एंड एक्सल प्लांट बनाने की योजना बनी है।रेलवे के लिए बनाए गए उपकरणसर्फेस ह्वील लेथ, अंडर फ्लोर ह्वील लेथ, मल्टी सर्फेस ह्वील, वर्टिकल टर्निंग एंड बोरिंग मशीन, रोल टर्निंग लेथ, होरिजेंटल बोरिंग मशीन, डीप होल बोरिंग मशीन, क्रैंक सॉफ्ट।

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  • Web Title:hec tries for getting electric locomotive work order