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27 फरवरी, 2020|4:46|IST

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नक्सलियों के कारण गायब हो रहे हैं बाघ, मुठभेड़ के कारण हुआ पलायन

नक्सलियों और सुरक्षाबलों के मुठभेड़ के कारण पलामू इलाके से बाघों का पलायन हुआ है। आम तौर पर पुलिस का ऑपरेशन घने जंगलों में चलता है। नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी होती है। लगातार हो रहे विस्फोटों के कारण भी बाघ और दूसरे जंगली जानवर छत्तीसगढ़ के जंगलों में चले जा रहे हैं। सरकार की ओर से यह जानकारी गुरुवार को हाईकोर्ट को दी गई। विकास महतो की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार ने यह जानकारी दी। राज्य में अभी तीन से अधिक बाघ और चार तेंदुआ हैं। पद चिन्हों के आधार पर पिछले दिनों यह पाया गया था कि कुल नौ बाघ हो सकते हैं, लेकिन सिर्फ पद चिन्हों को ही आधार नहीं बनाया जा सकता। एक बाघ के पद चिन्ह कई स्थानों पर मिल सकते हैं। लेकिन तीन से अधिक बाघ राज्य में हैं।

अदालत ने सरकार से यह बताने को कहा कि राज्य में बाघों को सुरक्षित रखने के लिए क्या योजना तैयार की गई है। इसके लिए सरकार के पास क्या कार्ययोजना है। दो सप्ताह में इसकी पूरी जानकारी देने का निर्देश अदालत ने दिया।

इस संबंध में विकास महतो ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य में वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण राज्य में बाघ समेत अन्य वन्य जीव कम होते जा रहे हैं। पलामू व्याघ्र परियोजना में भी बाघों की संख्या कम हुई है।

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  • Web Title:due to naxali tiger migrated from forest of palamau