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देश में तेजी से घट रही प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता

द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)- बिहार स्टेट सेंटर की ओर से संस्थान के सभागार में जल संरक्षण पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसके मुख्य वक्ता एनआईटी के पूर्व एचओडी व जल विशेषज्ञ प्रो. संतोष कुमार ने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता में निरंतर कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में प्रति व्यक्ति 1600 घन मीटर जल प्रति वर्ष उपलब्ध है जो कि वाटर स्ट्रेस देशों की श्रेणी में आता है।

प्रो. कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2050 तक प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष जल की उपलब्धता घटकर 1000 घन मीटर रह जाने की उम्मीद है। ऐसे में देश में अनाज उत्पादन में भारी कमी और अकाल जैसी स्थिति आ सकती है। अपने घंटे भर के व्याख्यान में प्रो संतोष कुमार ने कहा कि जल संरक्षण के लिए वाटर हार्वेस्टिंग, गांवों में तालाब का निर्माण और भूजल का कृत्रिम भंडारण कारगर उपाय हो सकता है।

पूर्व में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स पटना सेंटर के चेयरमैन अशोक कुमार सिन्हा ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। चेयरमैन ने कहा कि जल संरक्षण को लेकर सभी स्तरों पर व्यापक जागरूकता व पहल करने की जरूरत है। परिचर्चा में डॉ. अरूण कुमार श्रीवास्तव, किशोर कुमार, बीके सहाय, कुमार अभय प्रताप सिंह, डॉ. एनएस मौर्या, जवाहर लाल, प्रो. एस भारती कुमार, संदीप प्रकाश और निधि समेत दर्जनों इंजीनियर्स शामिल हुए।

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  • Web Title:seminar held in the institution of engineers auditorium