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10 अगस्त, 2020|7:36|IST

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विशेषज्ञों के सवाल का जवाब नहीं दे सकी थी रूबी

साक्षात्कार के लिए 25 जून को बिहार बोर्ड कार्यालय पहुंची रूबी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। सभी विशेषज्ञों की टीम ने पांच-पांच प्रश्न पूछे थे। एक भी प्रश्न का जबाव रूबी नहीं दे सकी थी। रूबी ने सभी के सामने ही एक बात कहा था, दो साल पहले पढ़ा था, अभी याद नहीं है। एक्सपर्ट कमेटी के सामने वह कुछ नहीं बोल पाई थी। अच्छी तरह लिख भी नहीं पा रही थी। कई बार एक्सपर्ट की टीम ने रूबी से कहा, घबराओ मत, पानी पीना है या नाश्ता करना है। ढाई घंटे तक न तो उसने एक ग्लास पानी पिया और न ही नाश्ता किया। आठ सदस्यीय टीम ने रूबी का इंटरव्यू लिया। टीम में डॉ. विनोद कुमार मंगलम, डॉ. राजीव रंजन, डॉ. अरविंद वर्मा, डॉ. शिवेश रंजन, डॉ. वंदना सिंह, गोविंद झा, वाल्मीकि प्रसाद और राजा राम थे।

रूबी राय ने लिखा था तुलसीदास प्रणाम : एक्सपर्ट की टीम ने तुलसी दास के बारे में लिखने को दिया तो कॉपी में रुबी ने लिख दिया तुलसी दास प्रणाम। गांव की आम लड़की की तरह रूबी बोल रही थी। रूबी ने सीधे पुलिस को कहा कि मुझे किसी का डर नहीं है। मैं गांव में भी चेहरे पर गमछा नहीं ओढ़ती हूं। अगर गमछा ही लगाना होता तो आज बोर्ड ऑफिस नहीं आती। तीन बार दिया था बोर्ड ने मौका बिहार बोर्ड ने रूबी राय की योग्यता की जांच के लिए तीन बार मौका दिया था। पहली बार तीन जून को बुलाया गया था, पर रूबी राय नहीं पहुंची थी। 11 जून को बुलाया गया तब भी उसने इंकार कर दिया था। बोर्ड अध्यक्ष ने अंतिम मौका देते हुए 25 जून को बुलाया था। इसके बाद वह योग्यता की जांच कराने के लिए एकाएक तीन बजकर पांच मिनट पर पहुंच गयी थी।

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  • Web Title:ruby had not answer any question in interview