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हथेली पर फोन नंबर लिखकर मां का इंतजार कर रहा है शुभम

आठ साल का शुभम आश्रय स्थल में अपनी हथेलियों पर लिखे मां के मोबाइल नंबर को बार-बार देख रहा है। उसी मां का नंबर जिसने उसे बुधवार को बस अड्डे पर छोड़ दिया और लौटने का वादा कर नहीं लौटी। शुभम को भरोसा है कि मां उसे जरूर ले जाएगी मगर मां ने इस मासूम की सुध लेने की बात कौन कहे मोबाइल तक बंद कर लिया है। उस नंबर पर जब कोई डायल कर शुभम को यह बताता है कि फोन बंद है तो उसकी आंखें डबडबा जाती हैं।

मां-बाप दोनों के रहते हुए अनाथ होने को अभिशप्त इस बच्चे की कहानी कुछ ऐसी है। बकौल शुभम उसके मां-बाप का तलाक हो चुका है। तलाक के बाद मां ने दूसरी शादी कर ली। मां का तो दूसरा घर बस गया पर शुभम की दुनिया उजड़ गई। वह अपनी मां के कलेजे का टुकड़ा नहीं, राह का कांटा बन गया, तभी तो उसे गाजियाबाद बस अड्डे पर रोता-कलपता छोड़ गई। पिता ने भी इस मासूम से मुंह मोड़ लिया। दोनों की जिंदगी में शुभम के लिए कोई जगह नहीं है। मां-बाप के झगड़े के बीच इस बच्चे का बचपन दम तोड़ चुका है। पुलिस ने उसे शहर के एक अनाथ आश्रय स्थल में रखा है, पर शुभम वहां बेचैन है। मां के इंतजार में रोकर उसकी आंखें सूज गई हैं। वह कभी अपने हाथ पर लिखा नंबर निहार रहा है तो कभी आश्रय स्थल की ओर आने वाला रास्ता। उसे हर आहट पर लगता है मां आ रही है। एक ही रट है उसकी, मेरी मां से मिलवा दो। पर मां का कलेजा तो पत्थर से भी सख्त हो गया है।

वो नहीं जानता कि तलाक और दूसरी शादी क्या होती है। कहता है मां का नंबर मिला दो वह दिल्ली के शालीमार गार्डेन में रहती है। वहीं गली के एक स्कूल में मैं पढ़ता था। मां तो मुझे बड़ा आदमी बनाना चाहती थी उसने मुझे क्यों छोड़ दिया, शायद नाराज हो गई होगी। वह बताता है कि मेरी छोटी बहन बहुत प्यारी है। मेरे दो मामा और मामी भी हैं।
शुभम को फिलहाल गोविंदपुरम स्थित आश्रय स्थल घरौंदा में रखा गया है। वह थोड़ी देर खेलता है फिर खामोश हो जाता है। शुभम से मिलने दिनभर मीडिया से जुड़े लोग आते रहे लेकिन कोई अपना मिलने नहीं आया। मां और नाना का नंबर नहीं लग रहा है और बाप से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

मां-बाप पर करेंगे कार्रवाई
सीओ रणविजय सिंह ने बताया कि मां-बाप से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हम पहले दोनों को समझाने की कोशिश करेंगे। उनके झगड़े में बच्चा सड़क पर नहीं आ सकता। उसके बाद भी वो नहीं माने तो उनपर कार्रवाई की जाएगी। मां और नाना से संपर्क नहीं हो पाया है। शुभम के पिता मालीवाड़ा में रहते हैं लेकिन अभी संपर्क नहीं हो पाया है। सुरक्षा की दृष्टि से बच्चे को आश्रय स्थल भेजा गया है।

 

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