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14 जुलाई, 2020|2:49|IST

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भूखंड पर घर बनाने की समय सीमा दोगुनी

भूखंड पर घर बनाने की समय सीमा दोगुनी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने आवासीय भूखंड पर मकान बनाने की अधिकतम समय सीमा को बढ़ाकर 20 करने का फैसला किया है।

बुधवार को उप राज्यपाल नजीब जंग की अध्यक्षता में हुई डीडीए की बोर्ड मीटिंग में यह निर्णय लिया गया। अभी तक प्लाट पर कब्जा मिलने के बाद भवन निर्माण की समय-सीमा 10 साल थी।  प्राधिकरण के एक अधिकारी ने इस आशय में बताया कि ऐसा आम लोगों को सहूलियत देने के लिया किया गया है।

उन्होंने बताया कि कई बार भूखंड वाले एरिया में सालों तक सिविल सुविधाएं विकसित नहीं हो पाती हैं, इससे लोगों को निर्माण और घर बनाने में असुविधा होती थी। हलांकि डीडीए ने अन्य श्रेणी के भूखंड के निर्माण की समय-सीमा में बदलाव नहीं किया है। कमर्शियल के लिए 10 साल की अवधि रहेगी।  ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए भी 10 साल की समय-सीमा रहेगी।  


डीडीए ने मिस यूज की प्रक्त्रिया में बदलाव किया है। अब लोग सीधे प्राधिकरण की वेबसाइट से यह शुल्क खुद जमा कर सकेंगे। इसके लिए क्षेत्र वार मिस यूज चार्ज के रेट तय कर दिए जायेंगे। डीडीए तय भूखंड से अधिक जमीन और और खुले भाग को कम करने जैसे मामलों के लिए यह शुल्क लेता है। अभी मिस यूज चार्ज की मौजूदा प्रक्त्रिया काफी कठिन है। इसमें डीडीए के अधिकारी जाकर निरीक्षण करते है और फिर अकाउंट विभाग की जानकारी देते है। इसके बाद मिस यूज चार्ज जमा हो पाता है। नई व्यवस्था में खुद के शपथ पत्र के साथ लोग सीधे यह शुल्क जमा करा सकेंगे। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार इससे लोगों को आराम मिलेगा उन्हें चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नई प्रक्त्रिया में आरडब्लूए को जोड़ा गया है। जिसके पदाधिकारी मिस यूज चार्ज के लिए दी जा रही जानकारी को सत्यापित करेंगे। इसके अलावा डीडीए ने सभी कम्युनिटी सेंटर की पाकिंर्ग का सम्बंधित नगर निगमों को देने का फैसला किया है। अब डीडीए की इन पाकिंर्ग का संचालन नगर निगम करेंगे। निगम ही मेंटीनेंस का काम देखेंगे।
 

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  • Web Title:maximum period for construction time for properties doubled dda decision