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1 जून, 2020|9:37|IST

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पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए 55 अधिकारी काटेंगे चालान

पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए 55 अधिकारी काटेंगे चालान

हिन्दुस्तान की पानी को लेकर शुरू किए गए अभियान 'बिन पानी सब सून का' का असर दिखने लगा है। गुरुवार को उपायुक्त एवं निगम कमिश्नर टीएल सत्यप्रकाश ने पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए कडे़ कदम उठाए। संयुक्त निगम आयुक्त हेडक्वार्टर आरएस गुप्ता की अगुवाई में पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए 55 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 180 एवं 181 के अंतर्गत दिए गए आदेश का नियमानुसार कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करे। जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने की अपील भी की।

गुड़गांव नगर निगम में ऐसा आदेश वर्ष 2013 में जारी किया गया था तब यह जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता को प्रदान की गई थी। उनके पास हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 180 एवं 181 के अंतर्गत चालन के आदेश दिए गए थे। लेकिन इन अधिकारियों की व्यवस्तता के कारण इस पर अमल नहीं हो पा रहा था। यही वजह रही कि बुधवार को हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए 17 सहायक इंजीनियर, 37 जूनियर इंजीनियर उनके अधिकार क्षेत्र में पानी की बर्बादी पर लगाम लगाने के लिए चालान करने की शक्ति प्रदान की। इसके अलावा नगर निगम के सलाहकार श्याम सुंदर को पूरे नगर निगम क्षेत्र में चालान की शक्तियां प्रदान की। 

500 रुपये से 5000 तक का चालान
हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ चालान किया जाएगा। तहत रिहायशी गतिविधियों में पानी का दुरूपयोग करते हुए पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 1000 रुपये का चलान किया जाएगा। इसी प्रकार व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पहली बार 2500 रुपये और दूसरी बार पकड़ने जाने पर 5000 रुपये का जुर्माना किया जाएगा।

चालान बुक नहीं, कुछ दिन नहीं कटेंगे चालान
नगर निगम कमिश्नर ने हिन्दुस्तान के अभियान के प्रति अपनी संवेदनशीलता और गंभीरता दिखाते हुए आदेश तत्काल जारी कर दिए। लेकिन कुछ दिन तक निगम अधिकारी पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ चलाना करने की कार्यवाही चालन बुक नहीं होने के कारण अंजाम नहीं दे सकेंगे। निगम कमिश्नर टीएल सत्यप्रकाश ने संयुक्त निगम कमिश्नर आरएस गुप्ता को जल्द से जल्द चालान बुक सभी सहायक इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर और निगम सलाहकार श्याम सुंदर को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। 

यूं हो रही बर्बादी
निगम क्षेत्र की 15 लाख आबादी में तकरीबन 1.25 लाख घर में निवास करती है। निगम अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक 20 फीसदी यानी 25 हजार घरों के इस्तेमाल के पानी को प्रतिबंध के बावजूद भवन निर्माण, बागवानी, कार धुलने और अपनी आदतों के कारण बर्बाद कर दे रहे हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से सेवानिवृत उप मण्डल अभियंता सुभाष पिलानी कहते हैं कि शहर में 02 रुपये 50 पैसे में 01 हजार लीटर पानी प्रशासन उपलब्ध करा रहा, जबकि देश की राजधानी में इतना ही पानी 20 रुपये में मिल रहा है। 

02 रुपये 50 पैसे 1000 लीटर पानी उपलब्ध करता है हुडा और निगम
20 रुपये में 1000 लीट पानी उपलब्ध कराती है दिल्ली सरकार
01 लीटर 2.50 रुपये खर्च आया लातूर में ट्रेन से पानी पहंुचाने का खर्च

फोटो कर करेंगे चालान
'' जल का दुरूपयोग ना करें और जरूरत अनुसार ही जल का इस्तेमाल करें। नगर निगम क्षेत्र में पानी की कमी नहीं है, लेकिन कुछ व्यक्ति जल का दुरूपयोग करते हैं, जिसके कारण सभी नागरिकों तक सुचारू रूप से जल नहीं पहुंच पाता। प्रचलन है कि कुछ व्यक्ति पाईप चला कर घरों के फर्श और गाडि़यों को धोते हैं, जिनके खिलाफ नगर निगम कार्रवाई करेगा। जल का दुरूपयोग करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम द्वारा गठित टीम प्रतिदिन क्षेत्र का निरीक्षण करके जल का दुरूपयोग करने वालों पर नजर रखेगी एवं फोटोग्राफी करके संबंधित के खिलाफ चालान करेगी।''
टीएल सत्यप्रकाश, निगम कमिश्नर गुड़गांव-फोटो 

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  • Web Title:gurgaon authority appoint 55 official to stop drinking water wastage