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तीन साल से अटका विकलांग फंड जारी

तीन साल से अटका विकलांग फंड जारी

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री मंगलवार की सुबह डीयू के हिन्दू कॉलेज में निरीक्षण के लिए पहुंची। वे सीधे हॉस्टल गईं और विकलांग छात्रों की हॉस्टस संबंधी समस्याएं सुनीं। ‘हॉस्टल फीस माफी’ नीति के तहत तीन साल से रुकी करीब सात लाख रुपये की राशि को उन्होंने तुरंत जारी करा दिया।

अहम बात यह है कि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को दौरे के बारे अधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी गई थी। आएंगी, ये पता चल गया था लेकिन कब तक, इस बाबत हर कोई कयास लगा रहा था। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे स्मृति ईरानी हिन्दू कॉलेज पहुंची। उनके दौरे की जानकारी कॉलेज प्रशासन को देर से मिली। वह सीधे हॉस्टल की ओर गईं।

उनके आते ही शिक्षक संघ से लेकर तमाम शिक्षक व प्रिंसिपल उनके सामने हाजिर हो गए। मंत्री ने पहले छात्रों की समस्याएं सुनीं। विकलांग छात्रों ने बताया कि फीस माफी की नीति है, फिर भी फीस भरनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने हॉस्टल वार्डन पूनम सेठी और कार्यकारी प्रिंसिपल डॉ. अंजू श्रीवास्तव से मामले की जानकारी ली। वार्डन पूनम सेठी ने बताया कि केंद्र सरकार ने विकलांग छात्रों के लिए एक योजना शुरू की थी। इसके तहत विकलांग छात्रों की हॉस्टल की फीस माफ होती है। केवल मेस की 50 फीसदी फीस देनी होती है। पूनम सेठी के मुताबिक, उन्होंने मंत्री स्मृति ईरानी को बताया कि कायदे से इस योजना का अमल नहीं हो रहा है।

कई बार लिखा गया लेकिन डीयू राशि नहीं दे रहा है। इस वजह से छात्रों को खुद से फीस देनी पड़ रही है। करीब तीन साल से सात लाख रुपये तक की राशि रुकी हुई है। बता दें कि इस समस्या को सुनने के बाद मंत्री स्मृति ईरानी ने सात लाख रुपये की रुकी राशि तुरंत जारी कराई। 

छात्र की फीस भी लौटाई गई: इतना ही नहीं, बीए राजनीति विज्ञान ऑनर्स के उस छात्र को भी फीस वापस लौटाई गई जिसको हॉस्टल के लिए खुद से फीस भरनी पड़ी थी। इस छात्र का नाम संदीप है। सोमवार को इस छात्र ने एक कार्यक्रम के दौरान स्मृति ईरानी के सामने हिन्दू कॉलेज हॉस्टल का मुद्दा उठाया था। 

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  • Web Title:Three years stuck handicapped funds