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मिशन एडमिशन: फॉर्म में विषय और पता भरने में उलझ रहे छात्र

मिशन एडमिशन: फॉर्म में विषय और पता भरने में उलझ रहे छात्र

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्स के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन भुगतान में सबसे अधिक परेशानी उन छात्रों को हो रही है, जिनके पास न तो डेबिट/क्रेडिट कार्ड है न ही वे नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं। ऑनलाइन फॉर्म में डीयू ने सिर्फ ऑनलाइन भुगतान का ही विकल्प दिया है। बैंक चालान का विकल्प नहीं है।

ऑनलाइन पंजीकरण करने के बाद आवेदन फॉर्म में सबसे पहले आवेदक की व्यक्तिगत जानकारी मांगी गई है। इसमें उसका नाम, अभिभावक का नाम, श्रेणी, जन्मतिथि, लिंग और घर के पते की जानकारी भरनी होती है। इसके बाद शैक्षिक ब्योरे की जानकारी देनी होती है। इसमें बोर्ड का नाम, पास करने का साल, परिणाम और कक्षा 12वीं का रोल नंबर मांगा है।

इसके बाद 12वीं के 5 विषयों में अंकों की जानकारी मांगी है। फॉर्म में इसके अलावा पारिवारिक आय, कैसे स्कूल में पढ़े, स्कूल कहां था और किस माध्यम से पढ़ाई की, भरना होता है। हालांकि यह स्वैच्छिक है। इसके बाद जिस कोर्स में छात्र को दाखिला लेना है वह भरना होगा। छात्र 1 से लेकर 52 तक जितने चाहे कोर्स भर सकते हैं।

विषय कोड को लेकर भ्रम
डीयू के विषय कोड और सीबीएसई के विषय कोड में अंतर है। जब छात्र फॉर्म में 12वीं में पढ़ा विषय भरता है तो विषय के सामने डीयू के कोड आ जाते हैं। इससे भ्रम की स्थिति बन रही है। छात्र को समझ नहीं आता कि कौन सा कोड सही है।

समाधान: विषय कोड का कोई विशेष महत्व नहीं है। छात्र विषय के नाम से जानकारी दें न कि कोड के जरिए।

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  • Web Title:Mission Admission: Subject and form are entangled in filling student