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16 जुलाई, 2020|6:07|IST

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सीबीआई तीन साल के अंदर करेगी सबइंस्पेटरों का प्रमोशन

सीबीआई तीन साल के अंदर करेगी सबइंस्पेटरों का प्रमोशन

अदालतों की ओर से जांच के लिए मिलने वाले मुकदमों की बढ़ती संख्या के कारण स्टाफ की कमी से जूझ रही सीबीआई अब अपने अधिकारियों को तरक्की देने के अवधि को घटाने जा रही है। इस कदम से जांच एजेंसी के कई सौ सबइंस्पेक्टरों का प्रमोशन हो जाएगा।

सीबीआई 1000 मुकदमों की जांच करने में सक्षम है लेकिन उसके पास इस समय 1150 से ज्यादा जांचें लंबित हैं जिससे उस पर भारी बोझ है, और इनकी संख्या दिनों दिन लगातार बढ़ती जा रही है। अकेले व्यापमं घोटाले से ही उसे 185 केस मिले हैं जिनकी जांच उसे करनी है।

सीबीआई में जमीनी जांच का इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी करते है और इनकी एजेंसी में भारी कमी है। राज्यों से इंस्पेक्टर प्रतिनियुक्ति पर नहीं मिलते क्योंकि इसके लिए राज्य सेवा होने के कारण इसके लिए राज्य सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होती है। वहीं इंस्पेक्टरों राज्य में कानून व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए राज्य भी उन्हें प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजने में आनकानी करते हैं। अखिल भारतीय सेवा के आईपीएस अधिकारी सीबीआई को मिल जाते हैं लेकिन वह जमीनी जांच करने के लिए उचित नहीं होते वह सिर्फ जांच को सुपरवाइज करते है। जिससे समस्या का समाधान नहीं हो पाता। अब इसी समस्या से निपटने के लिए सीबीआई अपने सबइंस्पेक्टरों को तरक्की देकर इंस्पेक्टर बनाएगी। सबइंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर बनने के लिए न्यूतनम पांच वर्ष का अनुभव जरूरी है लेकिन अब इस अवधि को सीबीआई घटाकर तीन वष कर रही है।

अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने एक जवाब में सुप्रीम कोर्ट में यह कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिए डीओपीटी से बात की गई है और उसने कहा है कि जांच अधिकारियों की कमी से निपटने का यह सबसे मुफीद तरीका है। तरक्की देने से नई भर्ती का रास्ता भी खुलेगा। 

रोहतगी ने कहा कि सीबीआई का अपना कैडर सिपाही और सबइंस्पेक्टर से शुरू होता है। एजेंसी डीएसपी और ऊपर के अफसरों को प्रतिनियुक्ति पर लाती है। प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों, खासकर केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी जांच के उद्देश्य से व्यर्थ होते हैं क्योंकि उन्हें सुरक्षाकार्यों का अनुभव ही होता है।

सुरक्षा बलों के अधिकारियों को सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर लाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका भी लंबित है। इसमें कहा है कि इन अधिकारियों के कारण सीबीआई की जांच क्षमता घट रही है।

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  • Web Title:सीबीआई तीन साल के अंदर करेगी सबइंस्पेटरों का प्रमोशन