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देश की पहली किन्नर प्राधानाचार्य ने बेसहारा बच्चों के लिए किया रैंप वॉक

देश की पहली किन्नर प्राधानाचार्य ने बेसहारा बच्चों के लिए किया रैंप वॉक

आपने अक्सर मॉडलों और फिल्मी हस्तियों को रैंप पर चलते देखा होगा, लेकिन यहां पर एक अनोखे फैशन शो में देश की पहली किन्नर प्रधानाचार्य ने बेसहारा बच्चों के साथ रैंप वॉक किया। लाल और सुनहरे रंग की जरी की साड़ी पहने शिक्षाविद मानवी बंद्योपाध्याय इस समारोह में मौजूद सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। यद्यपि इस समारोह में कई और हस्तियां मौजूद थीं लेकिन सबकी निगाहें मानवी पर ही टिकी हुई थीं।

मानवी ने पिछले माह कृष्णानगर महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्य नियुक्त किए जाने पर सुर्खियां बटोरी थीं। वह देश की पहली किन्नर प्रधानाचार्य है।

प्रधानाचार्य नियुक्त किए जाने से पहले वह विवेकानंद सतोवार्षिकी महाविद्यालय में बंगाली की प्राचार्य थीं। उन्हें पश्चिम बंगाल के किन्नरों के लिए नई नीतियां बनाने के लिए राज्य के किन्नर विकास बोर्ड का उपाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है।

इस फैशन शो का आयोजन शनिवार की रात किया गया था। मानवी के अलावा कई अन्य हस्तियों ने भी इस शो में बेसराहा बच्चों के साथ रैंप वॉक किया।

रैंप पर उन्होंने एक बच्ची के साथ वॉक किया। उनके भावों से उन बच्चों के लिए दर्द और आक्रोश दिखाई दे रहा था, जिन्हें अपने बचपन का आनंद उठाने का मौका नहीं मिल पाता।

मानवी बंद्योपाध्याय का जन्म कोलकाता के बाहरी इलाके में स्थित नैहाटी के पारंपरिक मध्यम बंगाली परिवार में सोमनाथ के रूप में हुआ था। उन्हें लगता था कि वह पुरुष के शरीर में ढली एक महिला हैं, इसीलिए एक दशक पहले उन्होंने अपना लिंग परिवर्तन ऑपरेशन करा लिया।

उन्हें अपने साथियों के बीच योग्य प्रशासक के रूप में जाना जाता है और वर्ष 2013 में उन्होंने चर्चित रियलिटी शो 'बिग-बॉस' के बंगाली संस्करण में भाग लिया था। उन्होंने एक बेटे को गोद लिया है, जिसका नाम देवाशीष है।

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