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मुरादाबाद: मुशायरे में कसाब और अफजल की शान में पढ़े गए कसीदे

मुरादाबाद: मुशायरे में कसाब और अफजल की शान में पढ़े गए कसीदे

जिगर मुरादाबादी ने पाकिस्तान के बुलावे को ठुकरा कर वहां बसने से इनकार कर दिया। अपनी देशभक्ति और शायरी से मुरादाबाद का नाम दुनिया में रोशन किया। उन्हीं जिगर साहब के नाम पर बने पावन मंच पर आतंकियों की शान में एक शायर ने कसीदे पढ़े।

मामला आधी रात के बाद का था सो आवाज भले ही दब गई लेकिन इस बात को लेकर हंगामा खूब हुआ। आरोपी शायर ने बाद में माफी मांगी, तब किसी तरह मामला शांत हुआ।

बीती रात 11 जून को जिगर मंच पर अजीमुशान मुशायरा था। कई नामचीन शायर बुलाए गए थे और मुशायरा बेहतर ढंग से चला भी रात तकरीबन डेढ़ बजे के आसपास एक शायर ने मंच से आतंकी कसाब की फांसी पर अपने शेर के जरिए सवाल उठा दिए।

वह यहीं नहीं रुके उन्होंने शेर के माध्यम से अफजल गुरु की भी तरफदारी कर डाली। जिगर मंच पर बैठे अन्य लोगों के साथ सामने मौजूद प्रदर्शनी समिति के लोग भी स्तब्ध रह गए। पहले लोग समझ ही नहीं पाए फिर एकाएक विरोध के सुर उभरे।

हंगामे के बीच शायर ने अपने शब्द वापस लेने का ऐलान किया और माफी मांगी। वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से मामले को संभालने की कोशिश की लेकिन लोगों ने आक्रोश जताया। बात डीएम तक पहुंची तो उन्होंने पूरी जानकारी के लिए सचिव को तलब किया। सचिव से जानकारी मांगी और नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट तलब की है।

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  • Web Title:मुरादाबाद: मुशायरे में कसाब और अफजल की शान में पढ़े गए कसीदे