DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शहरों में अकेली रहने वाली महिलाओं को किराए पर मिलेंगे सस्ते घर

शहरों में अकेली रहने वाली महिलाओं को किराए पर मिलेंगे सस्ते घर

शहरी विकास को रफ्तार देने के लिए महिलाओं के सशक्तीकरण पर सरकार का विशेष ध्यान है। नरेन्द्र मोदी सरकार शहर में अकेली रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर खास ध्यान दे रही है। इसके तहत सरकार ने शहरों में अकेली रहने वाली महिलाओं के लिए कई कदम उठाने की तैयारी कर रही है। दूसरे शहरों से बड़े शहरों में रहकर नौकरी करने वाली अकेली महिलाओं के लिए सस्ते दर पर किराए का मकान उपलब्ध कराने के बारे में भी सरकार विचार कर रही है। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने यह जानकारी दी। वे संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम वुमेन सेफ सिटी ग्लोबल लीडर फोरम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में 24 देशों की प्रतिनिधि मौजूद थे।

महिलाओं के लिए सहायक कदम उठा रही सरकार
वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और विकास के लिए कई सहायक कदम उठा रही है। इसके तहत शहर में अकेली रहने वाली महिलाओं को सस्ते दर पर किराये का घर उपलब्ध कराना, महिला प्रधान घरों के रजिस्ट्रेशन पर 10 प्रतिशत की छूट देना, महिलाओं के नाम पर घर की खरीद होने पर रजिस्ट्रेशन पर छूट देना आदि सरकार की प्राथमिकता सूची में है। यह कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि महिलाओं को जायदाद में समान अधिकार मिले।

36 हेल्प सेंटर की होगी स्थापना
वेंकैया नायडू ने इस साल सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए हर राज्य और यूटी में 36 हेल्प सेंटर की स्थापना करने की घोषणा की है। इस केंद्रों में महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएं, पुलिस की मदद, कानूनी सलाह, काउंसिलिंग, मानसिक-सामाजिक काउंसिलिंग और हिंसा से पीडि़त महिलाओं को सहायता प्रदान की जाएगी। इन केंद्रों की स्थापना के लिए कई शहरों में जरूरतमंद महिलाओं की पहचान के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र चला रही सेफ सिटी प्रोग्राम
2012 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नई दिल्ली में कराए गए एक सर्वे से यह खुलासा हुआ कि यहां 73 प्रतिशत महिलाएं अपने पड़ोसियों द्वारा यौन हिंसा की शिकार हुईं। शहरों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2010 में सेफ सिटी प्रोग्राम शुरू किया गया था। इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर महिलाओं के साथ होने वाली छेड़खानी को रोकना और महिलाओं को सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा प्रदान करना है। संयुक्त राष्ट्र के इस प्रोग्राम का पायलट टेस्ट करने के लिए नई दिल्ली के अलावा क्यूटो, कायरो, पोर्ट मोर्सबे और किगाली शहर का चुनाव किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महिलाओं की सुरक्षा के लिए देगी फंड
संयुक्त राष्ट्र की महिला सुरक्षा योजना की सलाहकार लाउरा कापोबियानको ने बताया कि दिल्ली को महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर बनाने के लिए यूएन फंड भी देने को तैयार है। इसके कार्यक्रम की आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए यूएन  3.5 लाख डॉलर का फंड देने को तैयार है। फिलहाल, यूएन दिल्ली में अपने प्रोग्राम का फेज-3 कार्यान्वित कर रही है। इसके तहत मोबाइल एप सेफ्टीपिन द्वारा कम आय वाले क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के आसपास के वातावरण की जांच की जा रही है।

सरकार के जुविनाइल एक्ट का नहीं किया समर्थन
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने मोदी सरकार के जुविनाइल एक्ट का समर्थन नहीं किया। साथ ही यूएन ने कहा कि नाबालिग अपराधियों की उम्र कम करने से महिलाओं पर होने वाली हिंसाएं नहीं रुकेंगी। सरकार द्वारा मेरिटल रेप को अपराध की श्रेणी न रखने के फैसले को भी यूएन ने गलत ठहराया।
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शहरों में अकेली रहने वाली महिलाओं को किराए पर मिलेंगे सस्ते घर