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दो दिवसीय यात्रा के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी, ट्वीट किया.. धन्यवाद बांग्लादेश

दो दिवसीय यात्रा के बाद स्वदेश लौटे पीएम मोदी, ट्वीट किया.. धन्यवाद बांग्लादेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी दो दिवसीय बांग्लादेश यात्रा संपन्न करके रविवार को स्वदेश लौट आए और इस यात्रा के दौरान ऐतिहासिक भू सीमा समझौते की पुष्टि के अतिरिक्त आपसी सहयोग को मजबूती प्रदान करने के लिए दोनों देशों ने 22 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री ने नई दिल्ली के लिए रवाना होने से कुछ ही देर पहले ट्वीट किया, धन्यवाद बांग्लादेश। यह यात्रा हमेशा मेरी यादों में रहेगी। इस यात्रा के नतीजे मजबूत साझेदारी की ओर जाएंगे।

भू सीमा समझौते का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण है कि हमने सफलतापूर्वक अतीत के लंबित मुद्दों पर विजय पायी और इससे हम हमारे संबंधों के लिए एक बेहतर भविष्य सजित करने में सक्षम होंगे। कल मोदी ने अपनी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना के साथ गहन वार्ता की जिसके बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें तटीय जहाजरानी पर एक समझौता, भारतीय आर्थिक जोन स्थापित करने और जीवन बीमा निगम को देश में संचालन की अनुमति प्रदान करने संबंधी एक आपसी सहमतिपत्र (एमओयू) शामिल था।

दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को बढ़ाने तथा कनेक्टिविटी को गति प्रदान करने की बड़ी पहल के तहत मोदी, हसीना और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संयुक्त रूप से कोलकाला-ढाका-अगरतला और ढाका-शिलांग-गुवाहाटी दो बस सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। मोदी ने आज राष्ट्रपति अब्दुल हामिद और सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की जिन्होंने एलबीए को लागू करने के लिए संबंधित विधेयक को पारित कराने में भारत में राजनीतिक एकजुटता कायम करने के लिए मोदी की सराहना की।

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दोपहर बाद, मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से प्रतिष्ठित बांग्लादेश मुक्ति युद्ध सम्मान हासिल किया। मोदी ने अपनी बांग्लादेश यात्रा की शुरूआत कल 1971 के मुक्ति संग्राम के उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की जिन्होंने देश को आजादी दिलायी।
 उन्होंने उसके बाद देश के संस्थापक एवं प्रधानमंत्री हसीना के पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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प्रधानमंत्री मोदी ने आज 12वीं सदी के प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना की जो कि उस देश में हिंदू समुदाय के लोगों का सबसे पवित्र स्थल है। मोदी इसके साथ वहां रामकष्ण मिशन मठ भी गये। शाम में मोदी ने बंगबंधु अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में संबोधन दिया जहां उन्होंने आतंकवाद से प्रभावी तरीके से निपटने की एक जोरदार अपील की।

बांग्लादेश में पीएम मोदी की आठ महत्वपूर्ण बातें
1- हमेशा आम आदमी के लिए लड़ते रहे अटल : मोदी

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बांग्लादेश ने उसके स्वतंत्रता संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाने और भारत से दोस्ताना रिश्तों को मजबूत बनाने में योगदान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को प्रतिष्ठित मुक्ति संग्राम सम्मान प्रदान किया है। ढाका में रविवार को वाजपेयी की ओर से सम्मान ग्रहण करते हुए प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वाजपेयी ने हमेशा आम आदमी के लिए संघर्ष किया।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने राष्ट्रपति आवास बंग भवन में हुए शानदार समारोह में पीएम मोदी को यह सम्मान सौंपा। समारोह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं। नब्बे वर्षीय वाजपेयी की ओर से सम्मान ग्रहण करने के बाद मोदी ने कहा कि यह दिन हम सभी भारतीयों के लिए बड़े गर्व का है कि वाजपेयी जैसे एक महान नेता को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया और आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। राजनीतिक दृष्टिकोण से वह मेरे जैसे राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा हैं।

2- 'कूटनीति का शिकार नहीं होंगे हमारे रिश्ते'
उन्होंने छह दिसंबर 1971 को भारतीय संसद में वाजपेयी के भाषण को याद किया, जिसमें कहा गया था कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते अटूट हैं जो किसी दबाव में नहीं टूटेंगे और किसी कूटनीति का शिकार नहीं बनेंगे। मोदी ने कहा कि वह राजनीति में काफी देर से आए लेकिन वह उन युवा कार्यकर्ताओं में शामिल थे जो 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के लिए सत्याग्रह करने के वाजपेयी के आह्वान पर दिल्ली आए थे। मोदी ने अपने आप को उन करोड़ों लोगों में से एक बताया जो वाजपेयी के इस सपने को साकार होना देखना चाहते थे।

3- बांग्लादेश को कई परियोजनाओं की सौगात दी
मोदी ढाका के बरीधारा इलाके में बने भारतीय उच्चायोग के न्यू चांसरी कम्प्लेक्स भी गए, जहां उन्होंने बांग्लादेश के लिए कई सहयोग अनुदान योजनाओं की शुभारंभ किया। मोदी ने जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया, उसमें विक्टोरिया कालेज में भारत-बांग्लादेश मैत्री बालिका हास्टल और राजधानी के मीरपुर क्षेत्र में ब्लाइंड एजुकेशन रिहैबिलिटेशन डेवेलपमेंट आर्गेनाइजेशन की तीसरी मंजिल का निर्माण शामिल है। साथ ही कुमुदिनी अस्पताल में जलमल निकासी प्रणाली, जलमल संवर्द्धन संयंत्र और गंदे जल के संवर्द्धन का संयंत्र स्थापित करने के अलावा ढाका विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग और रिकार्डिंग स्टूडियो स्थापित करने तथा नृत्य विभाग को मदद देने समेत अन्य परियोजनाएं भी शामिल हैं।



4 - 338 को मुक्ति संग्राम सम्मान
1. बांग्लादेश फ्रीडम ऑनर
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को मरणोपरांत दिया गया है यह सम्मान
25 जुलाई 2011 को उनकी बहू सोनिया गांधी ने ग्रहण किया सम्मान

2. बांग्लादेश लिबरेशन वॉर ऑनर
09 विदेशी सरकारों के प्रमुखों (अटल बिहारी वाजपेयी समेत) मिल चुका है यह सम्मान
पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली, पूर्व पीएम गुलजारी लाल नंदा, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी

3. फ्रेंड्स ऑफ लिबरेशन वॉर ऑनर
257 भारतीयों को मिल चुका फ्रेंड्स ऑफ लिबरेशन वॉर ऑनर सम्मान
एयरवाइस मार्शल स्वरूप कृष्ण कौल, वहीदा रहमान, असगर अली आदि


5- बांग्लादेश में प्रधानमंत्री मोदी ने ढाकेश्वरी मंदिर में दर्शन किया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के ढाकेश्वरी राष्ट्रीय मंदिर में पूजा अर्चना की। बांग्लादेश में 12वीं सदी का यह चर्चित मंदिर हिंदू समुदाय के लोगों के लिए सर्वाधिक पूजनीय स्थल है। मोदी मंदिर में करीब 15 मिनट तक रहे। इस मंदिर को ढाका के सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है और यह क्षेत्र के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। मंदिर के पुजारियों और अधिकारियों ने मोदी का अभिनंदन किया। उन्हें देवी ढाकेश्वरी की प्रतिकृति दी गई और अन्य स्मृतिचिन्हों के अलावा एक शाल भी भेंट किया गया। मंदिर में हर रोज हजारों लोगों का जमावड़ा रहता है, बहरहाल आज मोदी की यात्रा को देखते हुए इसे करीब एक घंटा के लिए आम लागों के लिए बंद रखा गया था। मोदी इसके बगल में स्थित शिव मंदिर भी गए। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना हर साल एक बार इस मंदिर में जरूर जाती हैं।

12वीं सदी का मंदिर
ढाकेश्वरी मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में सेन वंश के राजा बल्लाल सेन ने करवाया था। ढाकेश्वरी का अर्थ ढाका की देवी है और विशेषज्ञों ने बताया कि बांग्लादेश की राजधानी का नाम ढाकेश्वरी के नाम पर ही पड़ा।1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना के रमना काली मंदिर को नष्ट किए जाने के बाद 1996 में ढाकेश्वरी मंदिर को बांग्लादेश में सबसे महत्वपूर्ण हिंदू स्थल का दर्जा मिला है।


6- रामकृष्ण मिशन पहुंचे मोदी

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मोदी ढाका के रामकृष्ण मिशन गए जो कोलकाता स्थित बेलूर मठ की शाखा है। मोदी का रामकृष्ण मिशन से गहरा लगाव है और उन्होंने यहां मठ में पूजा अर्चना की जहां संतों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मिशन मुख्यालय (कोलकाता) के प्रमुख स्वामी सुहितानंद और ढाका मिशन के प्राचार्य स्वामी ध्रुवेशानंद ने मिशन में मोदी का स्वागत किया। मिशन की ओर से प्रधानमंत्री को स्वामी विवेकानंद की जीवनी और दो स्मारिका भेंट की गई।

7 - मोदी वाजपेयी के योग्य उत्तराधिकारी:  शेख हसीना
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोदी को वाजपेयी का योग्य उत्तराधिकारी और वाजपेयी की तरह बांग्लादेश का एक बड़ा मित्र बताया। हसीना ने कहा कि विदेश मंत्री और फिर प्रधानमंत्री के तौर पर वाजपेयी ने बांग्लादेश के प्रति अपना स्नेह बनाए रखा। उन्होंने बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में भारत की मदद को स्वीकार किया और याद किया कि उस समय भारतीयों ने बांग्लादेश के लोगों को आश्रय दिया था। प्रशस्ति पत्र में वाजपेयी की सराहना एक बेहद सम्मानित राजनीतिक नेता के रूप में की गई है और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम को समर्थन के लिए उनकी सक्रिय भूमिका को मान्यता प्रदान की गई। इसमें कहा गया है कि भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य के रूप में वाजपेयी ने इस दिशा में कई कदम उठाए।


8- बांग्लादेश मीडिया ने भूमि सीमा और अन्य समझौतों को सराहा
बांग्लादेश की मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा को जबरदस्त कवरेज दी है। द्विपक्षीय संबंधों में नए युग की शुरुआत और दोस्ती की नई ऊंचाई जैसे शीर्षकों से इस यात्रा की अहमियत दिखाई देती है। हालांकि तीस्ता जल बंटवारे के महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्पष्ट प्रगति नहीं होने पर खेद भी प्रकट किया गया है।

बांग्लादेश में लोकप्रिय अखबार प्रोथम अलो ने शीर्षक लगाया है, दि न्यू होरिजन इन रिलेशंस (संबंधों में नया क्षितिज)। अखबार ने लिखा कि यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के मकसद से 22 समझौतों पर दस्तखत किए गए। एक अन्य अखबार समोकाल ने शीर्षक लगाया, फ्रेंडशिप इन न्यू हाइट (दोस्ती की नई ऊंचाई)। अखबार ने मोदी की ओर से बांग्लादेश के संस्थापक और मौजूदा प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि अर्पित करने की बात प्रमुखता से छापी है।

प्रमुख अंग्रेजी दैनिक दि डेली स्टार की हेडलाइन है, डॉन ऑफ ए न्यू एरा। अखबार ने अपने संपादकीय में लिखा, नो ब्रेकथ्रू ऑन तीस्ता (तीस्ता में कोई प्रगति नहीं)। अखबार ने कहा कि हमने उम्मीद की थी कि इस यात्रा के दौरान तीस्ता को लेकर कोई स्पष्ट प्रगति होगी लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हुआ।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने अपने शीर्षक में लिखा, मोदी एश्योर्स फेयर सॉल्यूशन टू तीस्ता, फेनी रिवर वाटर्स ( मोदी ने तीस्ता, फेनी नदी संबंधी उचित समाधान का विश्वास जताया)। उपशीर्षक में लिखा है, एवरीथिंग टू बी डन टू ब्रिज ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा कम करने के लिए सभी उपाय किए जाएंगे)। सरकार विरोधी रुख के लिए मशहूर न्यू एज ने कहा, मोदी की बांग्लादेश यात्रा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण रही। व्यापार, आंतरिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव, निवेश और विकास के क्षेत्रों में सहयोग के लिहाज से यह यात्रा अहम है। प्रमुख बांग्ला दैनिक दि जुगान्तर के शीर्षक में लिखा है, हसीना मोदी ने दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने को प्रमुखता दी। बांग्लादेश आब्जर्वर ने भी खबर दी कि मोदी को तीस्ता नदी जल बंटवारे के मुद्दे के उचित समाधान का विश्वास है।

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