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'चार के चक्कर' और 'रिश्तों के गणित' से निकल पाएंगे भारत-बांग्लादेश?

'चार के चक्कर' और 'रिश्तों के गणित' से निकल पाएंगे भारत-बांग्लादेश?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुलाकात से दोनों देशों को बहुत सी उम्मीदें हैं। दोनों के बीच कई मुद्दों पर गहन चर्चा होगी, समझौते होंगे। आइये जानते हैं कि क्या है इनके रिश्तों का गणित...

व्यापार
भारत
- दक्षिण एशिया में 6.5 अरब डॉलर के साथ बांग्लादेश सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
- पूर्वोत्तर को फायदा पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री का जोर सीमा व्यापार पर
बांग्लादेश
- द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन दूर करने को कह सकता है।
- सेज में भारतीय निवेश के तौर-तरीकों पर काम जारी

जल बंटवारा
भारत
- 2011 में तीस्ता नदी के 50:50 जल बंटबारे की पेशकश
- राज्य का विषय, पश्चिम बंगाल इसके खिलाफ
बांग्लादेश
- सिर्फ गंगा जल 50:50 के बंटबारे समझौते पर उपलब्ध
- तीस्ता जल उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के लिए महत्वपूर्ण

सुरक्षा
भारत
- मोदी का जोर है कि पूर्व में अफगान-पाक जैसी सूरत न बने
- भारत विरोधी समूहों की बांग्लादेशी भूमि के उपयोग पर चिंता
बांग्लादेश
- हसीना की अगुवाई में भारत-बांग्ला संबंध लगातार सुधरे
- विरोधी गुटों के भारतीय भूमि इस्तेमाल को लेकर सतर्क

परिवहन संपर्क
भारत
- पूर्वोत्तर को बांग्लादेश के जरिये जोड़ने पर जोर
- मोदी दो बस सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे
बांग्लादेश
- बांग्लादेश को बढ़े व्यापार और परिवहन से लाभ
- प्रस्तावित पोत परिवहन से दोनों को फायदा

चार का चक्कर
तीस्ता का तनाव
उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के लिए तीस्ता नदी का पानी काफी अहम है। भारत सरकार इस पर बढ़ना चाहती है, लेकिन बंगाल सरकार इसमें रोड़ा है।
- तीस्ता बांध परियोजना से 9.22 मिलियन हेक्टेयर भूमि सिंचित।
- दस बिजली परियोजनाओं के कारण बंगाल में तीस्ता का बहाव कम।

ट्रैन्जिट कॉरीडोर
भारत की प्राथमिकता पूर्वोत्तर क्षेत्र में सैन्य उद्देश्यों से ट्रैन्जिट कॉरीडोर बनाने की है। यहां जवानों को तुरत और सहज आपूर्ति करना भारत का लक्ष्य है। वैसे बांग्लादेश पहले से यह सुविधा दे रहा है। मोदी सरकार इसका नवीनीकरण चाहती है।

चीन की दीवार...!
मोदी श्रीलंका की तरह बांग्लादेश पर दबाव बनाना चाहते हैं कि वह चीन को कम तवज्जो दे। लेकिन बांग्लादेश शायद ही माने। बांग्लादेश ने 2009-2013 के बीच 82 प्रतिशत हथियार चीन से खरीदे हैं।

असंतुलित व्यापार
बांग्लादेश का कहना है कि द्विपक्षीय व्यापार भारत के पक्ष में है। बांग्लादेश ने 2014-15 में 4.45 अरब डॉलर का आयात किया, लेकिन निर्यात महज 396.43 मिलियन डॉलर रहा।

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