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नौकरानी हत्याकांड: धनंजय सिंह हत्या आरोप से मुक्त, साक्ष्य मिटाने का केस चलेगा

नौकरानी हत्याकांड: धनंजय सिंह हत्या आरोप से मुक्त, साक्ष्य मिटाने का केस चलेगा

नौकरानी हत्याकांड में फंसे बसपा के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को शुक्रवार को अदालत से एक बड़ी राहत मिली है। अदालत ने धनंजय के खिलाफ सिर्फ सबूत मिटाने के बाबत साक्ष्य होने की पुष्टि की है। इस मामले में एक तरफ जहां पूर्व सांसद की पत्नी डॉक्टर जागृति के खिलाफ हत्या, जान से मारने की धमकी देने एवं घातक हथियार से जख्मी करने समेत आधा दर्जन से ज्यादा इल्जामों में आरोप तय किए हैं। वहीं, धनंजय के खिलाफ महज सबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा चलाने को हरी झंडी दी गई है। इस मामले में आरोप तय की औपचारिक घोषणा शनिवार को की जाएगी।

पटियाला हाउस स्थित एडिशनल सेशन जज अमित बंसल की अदालत ने धनंजय को हत्या, हत्या प्रयास, आपराधिक साजिश, अपराध की सूचना न देने एवं अपराध के लिए उकसाने की क्रिया में शामिल जैसे गंभीर आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा है कि इन आरोपों के तहत धनंजय के खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है। वहीं, धनंजय की पत्नी डॉक्टर जागृति के खिलाफ गंभीर अपराधों के अलावा घातक घातक हथियार से चोट पहुंचाना, दस दिन से ज्यादा समय तक जबरन बंधक बनाकर रखना, जबरन मजदूरी कराना एवं सबूत मिटाने के तहत आरोप तय किए गए हैं। अदालत ने कहा है कि इन आरोपों के तहत जागृति के खिलाफ प्रथमदृष्टया ठोस साक्ष्य पेश किए गए हैं।

जागृति को इन आरोपों से किया गया मुक्त
अदालत ने जागृति को गंभीर चोट पहुंचाने के लिए दंड देने, अप्राकृतिक यौनाचार एवं दास के रूप में किसी व्यक्ति की खरीद-फरोख्त के आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा है कि इन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य पेश नहीं किए गए हैं। इसलिए इन इल्जामों में सुनवाई नहीं की जाएगी।

धनंजय जमानत पर हैं और जागृति जेल में
पांच नवंबर 2013 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर से तत्कालीन सांसद धनंजय एवं उनकी पत्नी जागृति को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया गया था। इन पर पश्चिम बंगाल की रहने वाली 35 वर्षीय नौकरानी राखी भद्रा की हत्या का आरोप लगा था। हालांकि कुछ समय बाद ही धनंजय को जमानत मिल गई थी। जबकि उनकी पत्नी जागृति अभी भी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

तीन नौकरों को निर्मम तरीके से पीटने का है आरोप
पुलिस ने अपने आरोपपत्र में जागृति पर घर के तीन नौकरों को निर्मम तरीके से पीटने का आरोप था। साथ ही छानबीन में पाया गया था कि वह नौकरों को बंधक बनाकर रखती थी। पुलिस ने नौकरानी राखी का शव चार नवंबर 2013 को धनंजय के साउथ एवेन्यू सिंह घर से बरामद किया था। राखी के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर जख्मों के गहरे निशान थे।

सात वर्ष तक की सजा का है प्रावधान
धनंजय पर लगे सबूत मिटाने के आरोप के साबित होने की स्थिति में अधिकतम सात वर्ष तक की सजा एवं जुर्माने का प्रावधान है। जबकि उसकी पत्नी जागृति के खिलाफ यदि हत्या व अन्य आरोपों में अपराध साबित होता है तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

सीसीटीवी फुटेज है अहम सबूत
दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र में अपराध की गंभीरता का व्याख्यान करते हुए कहा है कि सांसद के सरकारी आवास पर 20 सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सांसद की पत्नी जागृति इन कैमरों की फुटेज अपने मोबाइल फोन पर देखती थी। घर से बाहर रहते समय भी वह पूरे समय नौकरों पर निगरानी रखती थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की इन फुटेज को सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश किया है। पुलिस ने अदालत से कहा कि फुटेज की संवेदनशीलता को देखते हुए यह सर्तकता बरती गई है।

नाबालिग समेत तीनों नौकर हैं महत्वपूर्ण गवाह
पुलिस ने आरोपपत्र में नाबालिग नौकर व दो अन्य नौकरानियों मीना व मोना को महत्वपूर्ण गवाह के तौर पर पेश किया है। इन गवाहों के माध्यम से पुलिस सांसद की पत्नी की क्रूरता को साबित करेगी। इन नौकरों ने सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान दर्ज कराते हुए बताया कि जागृति उनके साथ मारपीट करती थी। उन्हें गरम प्रैस से जलाती थी। डंडे व लोहे के हिरन के सींग से भी मारती थी।

मृतका राखी के शरीर पर थे जले के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मृतका राखी के शरीर कई हिस्सों पर जले के निशान और जख्म पाए गए हैं। उसकी छाती, पेट, दोनों हाथ व पैरों को किसी गरम वस्तु से जलाया गया है। इसके अलावा अन्य अंगों पर भी चोट के निशान हैं। मृत्यु का कारण क्रूरतापूर्ण मारपीट ही पाया गया।
 

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