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सैमसंग, माइक्रोमैक्स, लावा सभी मोबाइल भारत में ही बनेंगे

सैमसंग, माइक्रोमैक्स, लावा सभी मोबाइल भारत में ही बनेंगे

दुनियाभर की लगभग सभी बड़ी मोबाइल कंपनियां भारत में ही मोबाइल असेंबलिंग शुरू करने जा रही हैं। माइक्रोमैक्स की यू टेलीवेंचर्स ने अपनी अगली खेप भारत में ही तैयार करने की घोषणा कर दी है। इसी तरह लावा के जोलो ने भी अपने नए ब्रैंड ब्लैक को देश में ही तैयार करने का फैसला किया है। यही नहीं बड़ी मोबाइल कंपनी सैमसंग ने भी अपने एस6 फोन की असेंबलिंग भारत में जल्द शुरू करने का निर्णय लिया है।

चीनी कंपनियां भी आ रहीं भारत
भारत की मेक इन इंडिया का मुरीद चीन भी हो रहा है। चीनी मोबाइल कंपनी ओप्पो ने भी भारत में ही मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने का फैसला किया है। इसी तरह मोबाइल क्षेत्र में आ रही नई कंपनी कूलपैड और फिकॉम भी भारत ही आने की सोच रही हैं।

आखिर सभी कंपनियों को आ रहीं भारत
अगर भारतीय मोबाइल कंपनियों की बात करें तो उनके लिए देशभक्ति जैसी बात हो सकती है हालांकि वे भी कारोबार में मुनाफा जरूर देखेंगी। लेकिन हकीकत तो कुछ और ही है। इन सभी बड़ी कंपनियों का भारत में मैन्यूफैक्चरिंग या असेंबलिंग का मुख्य कारण है यहां लगने वाला कर। 
अमेरिका की रिसर्च एंड एडवाइजरी फर्म गार्टनर के रिसर्च डायरेक्टर अंशुल गुप्ता के मुताबिक अगर भारत में मोबाइल फोन आयात किया जाए तो टैक्स 12.5 प्रतिशत का लगता है जबकि अगर मोबाइल के पार्ट यहां आयात करते हैँ तो कर के तौर पर मात्र एक प्रतिशत ही देना होता है। दुनिया भर में भारत मोबाइल फोन का सबसे बड़ा बाजार है। इसी को ध्यान में रखकर सभी मोबाइल कंपनियां यहां का रुख कर रही हैं।

मोबाइल का बड़ा बाजार है भारत
साल की पहली तिमाही में जनवरी से मार्च के बीच दुनिया भर में 10.8 करोड़ नए मोबाइल उपभोक्ता जुड़े। इसमें सबसे ज्यादा दो करोड़ 60 लाख की बढ़ोतरी भारत में दर्ज की गई। दूरसंचार क्षेत्र के लिए उपकरण बनाने वाली कंपनी एरिक्सन ने एक रिपोर्ट में साल के पहले तीन महीने के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि भारत के बाद सबसे ज्यादा मोबाइल उपभोक्ता चीन में बढ़े हैं। 10.8 लाख नए मोबाइल उपभोक्ताओं के जुड़ने के बाद दुनिया भर में मोबाइल उपभोक्ताओं की कुल संख्या बढ़कर सात अरब 20 करोड़ पर पहुंच गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील देशों में स्मार्टफोनों के सस्ता होने से नए उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वहीं विकसित देशों में प्रति व्यक्ति गैजेटों (मोबाइल, टैबलेट, आईपैड आदि) की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

2020 तक क्या होगी स्मार्टफोन की दुनिया
06 अरब 10 करोड़ हो जाएंगे स्मार्टफोन यूजर्स।

02 अरब 60 करोड़ उपभोक्ता है इस समय पूरे विश्व में।

05 साल बाद दुनिया की अनुमानित आबादी की 70 प्रतिशत होगी।

80 प्रतिशत हिस्सेदारी दुनिया के कुल डाटा यूज में स्मार्टफोन वालों की होगी।

90 प्रतिशत लोगों के मोबाइल ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

50 फीसदी लोग देखते हैं ऑनलाइन वीडियो

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