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अदालत के क्रेच में साफ सुथरे व स्वस्थ बच्चे ही रह सकेंगे

अदालत के क्रेच में साफ सुथरे व स्वस्थ बच्चे ही रह सकेंगे

दिल्ली की अदालतों में जजों के लिए बनाए गए क्रेच में बच्चों के रखने पर अदालत ने एक दिलचस्प सर्कुलर जारी किया है जो चर्चा का विषय बना हुआ है। इन क्रेच में स्टाफ के बच्चे के उसी स्थिति में रखे जाएंगे जब जजों के बच्चे उपलब्ध नहीं होंगे लेकिन इसके लिए स्टाफ के बच्चों का साफ सुथरे, नाखून कटे हुए, नहाए हुए, साफ कपड़े पहने हुए और सभी बीमारियों से मुक्त होना आवश्यक होगा।

इस सर्कुलर से यह लग रहा है कि सफाई और बीमारियों से मुक्त होने का भार सिर्फ स्टाफ के बच्चों पर ही डाला गया है, जजों के बच्चों पर यह मानक लागू नहीं होता। लेकिन उत्तर-पश्चिमी जिला अदालत रोहिणी की ओर से 25 मई को जारी सर्कुलर पर मंगलवार को स्पष्टीकरण दिया गया। इसमें कहा गया है कि सर्कुलर को किसी के प्रति भेदभाव के इरादे से जारी नहीं किया गया है। बल्कि इसके पीछे साफ सफाई का स्टैंडर्ड बनाए रखना है।

जिला अदालत में क्रेच की व्यवस्था ढाई से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए की गई है।

सर्वोच्च अदालत में भी क्रेच की व्यवस्था लागू होने वाली है। लेकिन इसके लिए यहां स्थान की कमी है। अदालत का नया प्रशासनिक भवन बनकर तैयार होने के बाद यहां क्रेच शुरू हो जाएगा।

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