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मोगा छेड़छाड़ मुद्दे पर संसद में उबाल

मोगा छेड़छाड़ मुद्दे पर संसद में उबाल

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने संसद में पंजाब के मोगा बस कांड का मुद्दा उठाते हुए संबंधित बस मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। विपक्ष ने अकाली दल-भाजपा सरकार को बर्खास्त कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

लोकसभा में कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि मोगा में चलती बस में छेड़छाड़ की शिकार किशोरी को बस से धक्का दिए जाने और बाद में उसकी मौत होने की जो घटना हुई है वह प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था का परिणाम है।

संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि नियमों के अनुसार एक ही सत्र में एक मुद्दे को दो बार नहीं उठाया जा सकता और सदन में यह मुद्दा पहले ही उठ चुका है। पर अमरिंदर ने बात जारी रखते हुए कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की हालत यह है कि पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं हैं। बसें लोगों को रौंद रही हैं लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इस दौरान अकाली दल के सदस्यों अमरिंदर के आरोपों का विरोध किया।

राज्यसभा में भी हंगामा

राज्यसभा में मंगलवार को मोगा कांड पर विपक्ष के हंगामे के कारण शून्यकाल में कार्यवाही दस-दस मिनट के लिए दो बार स्थगित की गई। हंगामे के कारण उपसभापति ने दोपहर 11.26 बजे सदन की बैठक दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। शून्यकाल शुरू होते ही कांगे्रस की अंबिका सोनी, अश्विनी कुमार और आनंद शर्मा ने कहा यह बेहद गंभीर एवं चिंताजनक मामला है।

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि इस मामले में शामिल बस राज्य सरकार से जुड़े लोगों की है। जो लोग सरकार चला रहे हैं, वही इस बस कंपनी के मालिकों में शामिल हैं। उन्होंने बस मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। बसपा प्रमुख मायावती ने पंजाब सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की।

राज्य का मुद्दा नहीं उठा सकते : नकवी

संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मुद्दे को उठाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि यह राज्य का मामला है। इसे सदन में उठाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पंजाब की राज्य सरकार ने पूरी गंभीरता एवं ईमानदारी से कार्रवाई की है। वहीं उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि सदस्यों को यह मुद्दा उठाने के लिए नियमों के तहत समुचित नोटिस देना चाहिए था।

महिला उत्पीड़न राज्य का विषय नहीं हो सकता है और इसे संसद में उठाया जाना पूरी तरह से जायज है। सीताराम येचुरी, महासचिव, सीपीएम

सुखबीर पीड़ित परिवार से मिले

मोगा। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल आर्बिट बस कांड की पीड़िता से मिलने मंगलवार को अस्पताल पहुंचे। उन्होंने लड़की के पिता सुखदेव सिंह से भी मुलाकात की और शोकाकुल परिवार के प्रति सहानुभूति जताई और आश्वासन दिया कि परिवार को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ वह अच्छा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आर्बिट कंपनी और सरकार परिवार को वित्तीय सहायता देगी। रविवार को लड़की का पोस्टमार्टम होने के बाद उसके गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। उसी दिन शाम को मोगा के रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री प्रकार्श ंसह बादल पीड़ित परिवार से मिले थे।

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