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विपक्ष ने मोदी से मांगा जवाब, सरकार बोली- पीएम हस्तक्षेप को तैयार

विपक्ष ने मोदी से मांगा जवाब, सरकार बोली- पीएम हस्तक्षेप को तैयार

चर्चा को तैयार सरकार

नोटबंदी के कारण आम जनता और गरीब लोगों को भारी परेशानी होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस, तणमूल कांग्रेस, भाकपा समेत कुछ विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर लोकसभा में कार्यस्थगन करके मतविभाजन के प्रावधान के तहत चर्चा कराने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा में मौजूद रहकर चर्चा का जवाब देने की मांग की। सरकार की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री चर्चा में हस्तक्षेप को तैयार हैं। 

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रहित में लिया गया क्रांतिकारी, साहसिक और गरीबोन्मुखी कदम है और किसी ने भी यह सवाल नहीं उठाया कि यह गलत नीयत से लिया गया फैसला है। इस फैसले पर किसी ने सवाल नहीं उठाया।

विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री से संसद में बहस के दौरान उपस्थित रहने पर जोर दिये जाने पर गृह मंत्री ने कहा, अगर विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री संसद में आएं, तो प्रधानमंत्री आएंगे और बहस में हस्तक्षेप करेंगे। उन्होंने कहा कि बड़े नोटों को अमान्य करने का हमारी सरकार का फैसला कालेधन के खिलाफ जंग है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जहां तक इस फैसले को लागू करने की बात है तो हम पहले दिन से इस पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। हम इस बारे में विपक्ष के सुझावों पर भी विचार करने को तैयार हैं। गृह मंत्री जब सदन में बोल रहे थे उसी समय कांग्रेस, तणमूल कांग्रेस और वामदलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की बैठक दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 

विपक्ष ने मोदी से मांगा जवाब, सरकार बोली- पीएम हस्तक्षेप को तैयार

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कांग्रेस ने की पीएम के बयान की मांग

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि केंद्र के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ आज सारे देश में आक्रोश दिवस मनाया जा रहा है। मोदीजी के फैसले के कारण गरीब, मजदूर, असंगठित क्षेत्र के लोग, किसान, महिलाएं आदि काफी प्रभावित हुए हैं। लोग एक पैसा भी नहीं निकाल पा रहे हैं। देश की आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो रही है। 

उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार के नोटबंदी के फैसले के कारण जनता को जो तकलीफ हो रही है, उसके बारे में हमारे कार्यस्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। मोदीजी सदन से बाहर बोल रहे हैं। हमारा कहना है कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और इस फैसले के बारे में सदन में बोलें। 

वहीं केंद्रीय नेता सदानंद गौड़ा का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा कि जब अस्पताल ने मंत्री से पुराने नोट नहीं लिए और उन्हें चेक देना पड़ा, तो जरा सोचिए आम लोगों की कौन सुनेगा। उन्हें कितनी परेशानी उठानी पड़ेगी। 
उन्होंने साफ कहा कि जब तक प्रधानमंत्री सदन में आकर बयान नहीं देते हैं तब तक सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकती।

विपक्ष ने मोदी से मांगा जवाब, सरकार बोली- पीएम हस्तक्षेप को तैयार

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संसद परिसर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

नोटबंदी के खिलाफ सांसदों के प्रदर्शन का नेतृत्व खुद राहुल गांधी कर रहे थे। सांसदों ने 'जनता का पैसा जनता को दो' 'विकास का पैसा विकास दो' के नारे लगा रहे थे। इस प्रदर्शन में कांग्रेस समेत डीएमके, सीपीएम और राजद के सांसद शामिल हुए। 

नोटबंदी पर सदन में हंगामा 

लोकसभा में नोटबंदी को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों ने आज लगातार आठवें दिन भारी हंगामा किया जिसके कारण अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और कागज पर नारे लिखकर शोर शराबा करने लगे।

अध्यक्ष ने सदस्यों को कागज नहीं दिखाने का आग्रह किया लेकिन सदस्य लगातार पेपर दिखाते हुए 'मोदी तुम्हारी मन की बात, गरीबों के पेट पर लात, जनता का पैसा जनता को दो, किसान का पैसा किसान को दो, मजदूर का पैसा मजदूर को दो' जैसे नारे लगाते रहे।

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, जनता दल-यू, राष्ट्रीय जनता दल, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों के सदस्य सदन के बीचोंबीच आकर हंगामा करते रहे। महाजन ने उन्हें बार बार आगह किया कि कागज दिखाना नियम के विरुद्ध है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के एक सदस्य का नाम लेकर उन्हें कागज नहीं दिखाने के लिए आग्रह किया लेकिन सदस्यों का हंगामा बढ़ता गया और करीब बीस मिनट बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी।

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विपक्षी दलों ने बुलाई बैठक

 संसद में आज की रणनीति को लेकर चर्चा के लिए विपक्ष ने एक बैठक बुलाई। इस बैठक में कांग्रेस, टीएमसी और वाम दल समेत कई और पार्टियां शामिल हुईं। बैठक के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार पर हमला बोलेत हुए कहा कि सरकार कह रही है कि विपक्ष ने भारत बंद का आह्वान किया है, जबकि असल में पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले से ये पहले ही हो चुका है। 

सरकार ने पूछा, चर्चा से क्यों भाग रहा है विपक्ष

वहीं सरकार की ओर से अनंत कुमार का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में चर्चा चाहती है लेकिन विपक्ष इससे भाग रहा है। विपक्ष के बुलाए गए जन आक्रोश दिवस पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि विरोध जरूरी है लेकिन विपक्ष की बुद्धि विपरीत दिशा में घूम रही है। 

बता दें कि राज्यसभा में 16 नवंबर को नोटबंदी पर चर्चा शुरु हुई थी जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। वहीं सीपीएम सांसद सीताराम येचुरी ने पीएम मोदी पर विशेषाधिकार हनन आरोप लगाते हुए नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि पीएम सदन में आते नहीं है और सदन के बाहर नोटबंदी के मुद्दे पर लगातार बात कर रहे है जो कि सदन की अवमानना है। इस नोटिस पर राज्यसभा के सभापति अपना फैसला सुना सकते हैं।


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  • Web Title:parliament may be affected during jan akrosh diwas for demonetization