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पंजाब यूनिवर्सिटी विवाद: छात्रों पर राजद्रोह का केस दर्ज नहीं- पुलिस

पंजाब यूनिवर्सिटी विवाद: छात्रों पर राजद्रोह का केस दर्ज नहीं- पुलिस

चंडीगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि पंजाब विश्वविद्यालय में फीस में बढ़ोतरी का विरोध करने वाले 66 छात्रों के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज नहीं किया गया है है. इससे पहले खबर आई थी कि मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर बवाल के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों पर आईपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह) के साथ दंगा फैलाने जैसे कई अन्य गंभीर किस्म के मामले दर्ज किए गए हैं।

हमारे सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भी राजद्रोह की शिकायत वापस ले ली है। अब अधिकारियों कहना है कि उनकी टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया है। छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अश्वनी कॉल ने बताया, ‘मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि छात्र स्टेट के खिलाफ नारे लगा रहे थे। स्टेट से मेरा मतलब मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी और पंजाब विश्वविद्यालय से था।’उन्होंने कहा कि पुलिस से प्रदर्शन का विडियो देखने का अनुरोध किया गया था। हर किसी ने देखा वहां क्या हो रहा है। हमने यू-टर्न नहीं मारी है। हमने कभी नहीं कहा कि ये राजद्रोह है।

आपको बता दें कि मंगलवार को चंडीगढ़ कैंपस में वीसी ऑफिस के सामने पुलिस से प्रदर्शनकारी छात्रों की भिड़ंत के बाद 52 छात्रों को गिरफ्तार किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम में 22 पुलिस कर्मचारियों समेत 40 लोग घायल हुए हैं। गिरफ्तार सभी विद्यार्थियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

मंगलवार को बवाल तब शुरू हुआ, जब आंदोलनकारी छात्रों ने पंजाब विवि बंद के मसले पर उनके साथ विचार-विमर्श के लिए कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर के कार्यालय में जबरन घुसने का प्रयास किया था। बता दें कि एसएफएस, एनएसयूआइ, पुसू आदि छात्र संगठनों की ओर से वृद्धि के फैसले के खिलाफ पंजाब विवि बंद का संयुक्त आह्वान किया गया।

छात्र दरअसल पंजाब विवि के कुलपति द्वारा उन्हें फीस वृद्धि के मुद्दे पर चर्चा के लिए उनके कार्यालय में अंदर न बुलाए जाने पर उखड़ गए थे। हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने छात्रों पर पानी की बौछारें फेंकी थीं। इसके बाद तैश में आकर प्रदर्शनकारी छात्रों ने वहां तैनात पुलिस कर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू किए और उन पर वहां रखे गमले उठा-उठाकर उन पर दे मारे। मजबूरन पुलिस कर्मियों को भी अपने बचाव में आंसू गैस के गोले फेंकने पड़े और हिंसक छात्रों को काबू करने के लिए उन पर लाठियां भांजनी पड़ीं, जिसमें लड़कियों समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

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  • Web Title:no sedition charge against pu students after university takes back complaint