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मोबाइल टॉवर से हो रहे रेडिएशन और उसके खतरों पर अध्ययन की तैयारी

मोबाइल टॉवरों से होने वाले रेडिएशन एवं उसके मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर दूरसंचार मंत्रालय जल्दी एक स्वतंत्र अध्ययन शुरू करा सकता है। टॉवरों के रेडिएशन को लेकर हालांकि देश-दुनिया में तमाम अध्ययन उपलब्ध हैं लेकिन आरोप है कि ज्यादातर अध्ययन टेलिकॉम कंपनियों की आर्थिक मदद से हुए हैं। इसलिए सांसदों को इस पर यकीन नहीं।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में सांसदों ने यह मुद्दा रखा था। सांसदों का आरोप था कि टॉवर ज्यादा रेडिएशन कर रहे हैं जिससे मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों और यहां तक कि पेड़-पौंधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। हालांकि तब सिन्हा ने अब तक हुए अध्ययनों का हवाला दिया और कहा कि टॉवरों से होने वाला रेडिएशन तय सीमा के भीतर है इसलिए स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव नहीं हैं।

स्वतंत्र अध्ययन की जरूरत
सांसदों की तरफ से आरोप लगाया गया कि जिन अध्ययनों का हवाला सरकार देती है, वह सरकार ने कराए ही नहीं। ज्यादातर अध्ययन दूरसंचार कंपनियों की तरफ से ही कराए गए हैं। या किसी अन्य एजेंसी ने किया है तो भी उसे दूरसंचार कंपनियों की तरफ से आर्थिक सहायता मिली है। ऐसे में इन अध्ययनों के नतीजे सही नहीं हो सकते। सांसद चाहते थे कि सरकार अपनी किसी एजेंसी मसलन आईआईटी या वैज्ञानिक संस्थान से स्वतंत्र अध्ययन कराए।

सरकार जल्द ले सकती है फैसला
मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्रालय से भी बात की जाएगी और उसके बाद टॉवरों से हो रहे रेडिएशन एवं उसके प्रभाव को लेकर एक विस्तृत अध्ययन शुरू किया जा सकता है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और एम्स को यह जिम्मा सौंपा जा सकता है।

एक अध्ययन जारी
बता दें कि मोबाइल फोन सैट से होने वाले रेडिएशन को लेकर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) एक अध्ययन कर रहे हैं। इस अध्यन में पांच हजार लोगों से भी ज्यादा के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। लेकिन ये सभी ऐसे लोग हैं जो जिनका घर मोबाइल टावर से एक किलोमीटर की दूरी पर है। जबकि मोबाइल टॉवर के रेडिएशन के अध्ययन के लिए उसके आसपास रहने वाले लोगों पर अध्ययन करना होगा।

छह लाख टॉवर
देश में छह लाख से अधिक मोबाइल टॉवर होने का अनुमान है। इनमें से बड़ी संख्या में टॉवर आवासीय इलाकों में लगाए हैं। लेकिन टॉवरों की कमी अभी बनी हुई है और दो लाख टॉवर अगले कुछ सालों के भीतर स्थापित किए जाने के आसार हैं।

 

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  • Web Title:mobile tower radiation human health ministry of telecommunications independent study